यूटी प्रशासन ने वेस्टर्न कमांड से अनुरोध किया कि वह वॉर मेमोरियल, सेक्टर-3 के अपग्रेडेशन को लेकर अपने विशेषज्ञों के सुझाव दें ताकि वॉर मेमोरियल को और बेहतर बनाया जा सके। साथ ही यूटी प्रशासन ने वेस्टर्न कमांड से चंडीगढ़ के पुलिस जवानों को ट्रेनिंग देने में सहयोग की मांग की है ताकि पुलिस जवान हथियार व गोला-बारूद का बेहतर इस्तेमाल कर सकें। साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट के दौरान अपना पूरा सहयोग दे सकें। बुधवार को नौवीं सिविल मिलिट्री लायजन कान्फ्रेंस के दौरान प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने वेस्टर्न कमांड से इस संबंध में सुझाव मांगे।
वहीं, वेस्टर्न कमांड की ओर से कहा गया कि पंजाब एक्स सर्विसमैन रूल्स 1982 को लागू किया जाए ताकि चंडीगढ़ पुलिस में एक्स सर्विसमैन की भर्ती हो सके। जिला सैनिक वेलफेयर ऑफिस, चंडीगढ़ को डिपार्टमेंट ऑफ सैनिक वेलफेयर बनाया जाए। वहीं मीटिंग में एयरफोर्स स्टेशन के पास अवैध निर्माण और इसे गिराने सहित कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के अलावा बेहलाना गेट पर उगी वनस्पति और ड्रेनेज क्लीयरेंस का मुद्दा भी मिलिट्री अथॉरटी ने उठाया।
दोनों के बीच हो बेहतर तालमेल
प्रशासक ने कहा कि इस मीटिंग का मकसद सिविल व मिलिट्री अथॉरटी के बीच बेहतर कोआर्डिनेशन स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सेक्टर 44ए में आर्मी हाउसिंग वेलफेयर आर्गेनाइजेशन की जो जमीन है, उसे चंडीगढ़ प्रशासन ने लीज से फ्री होल्ड कर दिया है। एक्स सर्विसमैन के लिए जो पोस्टें रिजर्व हैं उनको प्रशासन ने चिह्नित कर लिया है। इसके अलावा सेक्टर 31 और सेक्टर 47 में सर्विस मैरिड क्वार्टरों की मेंटेनेंस को लेकर भी सही समय पर कदम उठाए गए।
प्रशासन से मिल रही पूरी मदद
प्रशासक के एडवाइजर मनोज परिदा ने इस मौके पर कहा कि सिविल व मिलिट्री अथॉरटी एक गाड़ी के दो पहिये हैं और एक दूसरे के पूरक हैं। आर्मी कमांडर जनरल सुरिंदर सिंह ने कहा कि प्रशासन से उन्हें महत्वपूर्ण मामलों में हर संभव मदद मिल रही है। सभी मसलों को बड़े ही तरीके से सॉल्व किया जा रहा है। इस मौके पर प्रिंसिपल होम सेक्रेट्री अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजोय कुमार सिन्हा, डीजीपी संजय बेनीवाल मौजूद रहे।