चंडीगढ़। एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी परियोजना की बैठक बुधवार को हुई। इस दौरान एडवाइजर ने सिटी कमांड कंट्रोल बनाने की अनुमति दे दी। वहीं, पब्लिक बाइक शेयरिंग व ई-बाइक योजना के लिए भी निगम को हरी झंडी दे दी गई। साथ ही इसके लिए डिजिटल विज्ञापन की भी अनुमति दे दी गई है। शहर के 617 डॉक स्टेशन पर पांच हजार साइकिलें चलेंगी।
नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि प्रशासन से अनुमति के बाद शहर के तीन हिस्सों में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटीज एंड ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। यह इंडस्ट्रियल एरिया फेस 1 स्थित पब्लिक हेल्थ स्टोर, 3 बीआरडी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट केअंदर और सेक्टर 25 वेस्ट स्थित सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट के पास बनेंगे। जिसकी अनुमानित लागत 32.27 करोड़ है। इससे गीला व सूखा कचरा सेग्रीगेट होकर आसानी से प्लांट तक पहुंचाया जा सकेगा। वहीं 854 करोड़ की लागत से बनने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को भी मंजूरी मिल गई है। एनजीटी के मानक पूरा करने के बाद इसकी कास्ट थोड़ा बढ़ गई है। प्रशासन ने सेक्टर 17 में बनने वाले सिटीजन फैसिलिटी सेंटर, पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर व स्काडा के लिए भवनों के निर्माण की सहमति दे दी है। सिटी कमांड कंट्रोल से पूरे शहर को मॉनटिरिंग की जा सकेगी। सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक सुविधाओं से बनने वाले सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर की लागत लगभग 46 करोड़ रुपये है। कमिश्नर ने कहा कि 257 करोड़ के प्रोजेक्ट 15 जुलाई तक अपलोड कर दिए जाएंगे। इस मौकेपर होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता, फाइनेंस सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर एडमिनिस्ट्रेशन जितेन्द्र यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।