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और हकला हो गया दुरुस्त

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चंडीगढ़। टैगोर थियेटर में जसपाल भट्टी कॉमेडी संडे के दौरान हास्य नाटक ‘बॉबी ब्रेकर’ का मंचन किया गया। इसका आयोजन चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट आफ कल्चरल अफेयर्स और टैगोर थियेटर सोसायटी द्वारा किया गया। नाटक का मंचन साउंड बाक्स इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने किया। स्वर्गीय सुधीर कावड़ी द्वारा लिखे गए इस नाटक को गीता अग्रवाल शर्मा ने निर्देंशित किया। इस दौरान दर्शकों ने सीन के दौरान जमकर ठहाके लगाए।
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बॉबी ब्रेकर एक ऐसे युवा की कहानी है जो कि अपने पिता के डर की वजह से हकलाने लगता है। यह कहानी शुरू होती है बॉबी के कैरेक्टर के साथ। बॉबी रोजाना अपने कार्यालय जाने के लिए निकलता है और जब बस स्टाप पहुंचता है तो उसको वहां एक लड़की मिस चौधरी मिलती है। वह मिस चौधरी पर फिदा हो जाता है। लेकिन जब बारी आती है अपने प्यार का इजहार करने की तो वह घबराता है। उसकी वजह होती है उसका हकलाना। उसका दोस्त आकाश उससे कहता है कि इस समस्या का हल डाक्टर के पास है। वह डाक्टर के पास जाता है तो डाक्टर उससे पूछती हैं कि आखिरकार उसका हकलाना कैसे शुरू हुआ। डॉक्टर को बॉबी बताता है कि उसकी वजह है पिता से डरना। वह बचपन में पिता से काफी डरता था और उसी वजह से वह हकलाने लगा। बॉबी को डाक्टर कहती हैं कि हकलाना बंद करने के लिए वह ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात करे। उसके साथ ही यदि उसको अपने प्यार का इजहार करना है तो वह गाकर करे जिससे हकलाने की समस्या आड़े नहीं आएगी। खैर, वह अपनी समस्या को मिस चौधरी को बताता है और मिस चौधरी भी उसके हकलाना छोड़ने में उसकी मदद करती है। नाटक के अंत में दिखाया गया है कि बाबी एकदम ठीक हो जाता है और उसको अपने बैंक में उच्च पद पर नियुक्त कर दिया जाता है।
इस नाटक में गौरव पराशर ने शानदार अदाकारी की है। उसके साथ ही आकाश ने सूत्रधार, राजेंद्र शर्मा ने नानू, रिद्म ने छोटे बाबी और नीरज ने कोरस, सावी ने मिस चौधरी और रितु कंबोज ने डाक्टर की भूमिका निभाई है। इस नाटक की गति को बनाए रखने के लिए इस नाटक में संगीत का प्रयोग किया गया।
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