चंडीगढ़। नई शिक्षा नीति का पीयू में विरोध हो गया। आइसा के पदाधिकारियों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि 484 पेज का यह ड्राफ्ट है। इसे पढ़ने के लिए समय दिया जाए ताकि सभी लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे सकें। इस नीति से कई बिंदुओं के कारण युवाओं को नुकसान होगा।
पीयू में हुई बैठक में पीयू अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि इस नीति के लागू करने से राज्य सरकारें शिक्षा अधिकार बनाने में अधिक प्रभावी नहीं रहेंगी। उनके अधिकारों में कटौती कर दी गई है। पूर्व में खारिज किए गए चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स को फिर से शुरू किए जाने की योजना है। इससे कोई लाभ नहीं होगा। महंगी फीस इनकी लगेगी। इसके साथ ही सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा, जुमलों व शब्दजाल से यह ड्राफ्ट भरा हुआ है। इसका लाभ युवाओं को नहीं मिलेगा। यूटी अध्यक्ष अमन रतिया ने कहा कि उच्च शिक्षा को बर्बाद करने के लिए यह ड्राफ्ट लाया गया है। युवाओं व नौजवानों को किस चीज की आवश्यकता है, इस पर ध्यान नहीं दिया गया और नीति बना दी गई। इसके बारे में सोचना होगा। युवा जल्द ही इसके विरोध में कोई निर्णय लेंगे। इस मौके पर रजत कुमार, रवि कुमार, पुनीत आदि मौजूद रहे।