चंडीगढ़। हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मिनिस्टर हरदीप पुरी ने मंगलवार को दिल्ली से ऑनलाइन बैठक कर प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, अमृत योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी दी, लेकिन चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी योजना के तहत पिछले चार सालों में महज एक अपनी बिल्डिंग ही तैयार करवा पाया है। हालांकि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट सीईओ केके यादव का कहना है कि योजना के तहत सभी प्रोजेक्ट टेंडर के लिए तैयार हैं। जल्द ही प्रोजेक्ट शुरू हो जाएंगे।
25 जून, 2015 में चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया था। योजना के तहत चंडीगढ़ को 400 करोड़ रुपये मिले थे। पिछले चार साल में बिल्डिंग व अन्य कामों पर महज 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सीईओ केके यादव का कहना है कि स्मार्ट सिटी के तहत योजनाएं काफी अलग हैं। यह सड़क बनवाने या नालियां बनवाने तक सीमित नहीं है। प्रोजेक्ट के तहत कई योजनाएं ऐसी हैं जिसके लिए तैयारी करने में थोड़ा समय लग गया, लेकिन एक बार जब टेंडर हो गया तो काम समय पर होंगे और बेहतर होंगे। ये प्रोजेक्ट जब तैयार होंगे तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। नगर निगम में शामिल गांवों के लिए 55 वाहन खरीदे हैं।
यूनिक प्रोजेक्ट तैयार, टेंडर होना शेष
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि 24 घंटे वाटर सप्लाई, ई गवर्नेंस, इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल, स्मार्ट स्कूल जैसे कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो लोगों के लिए बड़ी राहत देने वाले हैं। मनीमाजरा में 24 घंटे वाटर सप्लाई के लिए फ्रेंच डेलीगेट्स से 550 करोड़ रुपये मिलने हैं। काफी आसान किस्तों में लोन मिल रहा है। दिसंबर 2019 तक प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। इसी तरह ई गवर्नेंस, इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम, स्मार्ट स्कूल सहित अन्य प्रोजेक्ट जल्द शुरू हो जाएंगे। सभी टेंडर के लिए तैयार हैं।
28 प्रोजेक्ट पूरे, 9 की आरएफपी तैयार
सीईओ ने बताया कि कुल 37 योजनाएं थीं। इनमें से 28 प्रोजेक्ट टेंडर के लिए तैयार हैं। 9 प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार कर दी गई है। 250 करोड़ की लागत से बनने वाले 5 एसटीपी के लिए भी जुलाई के पहले सप्ताह में टेंडर हो जाएंगे। 15 साल के मेंटेनेंस के साथ इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत 850 करोड़ रुपये है। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ टेंडर हो गया है। इसमें एक ही बिल्डिंग में पुलिस व सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वेजिशन (स्काडा सिस्टम) का कमांड कंट्रोल सेंटर होगा।
ऑनलाइन मिलेगी बिल्डिंग निर्माण की मंजूरी
ई-गवर्नेंस के तहत सभी सरकारी कार्यों को ऑनलाइन करने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसमें ऑनलाइन बिल्डिंग निर्माण की मंजूरी सहित अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। शुद्ध पेयजल के लिए स्मार्ट सिटी पानी की पाइप लाइनों पर स्काडा सिस्टम लगाएगा। इसके अंतर्गत पाइपों में अंदर तीन स्थानों पर डिसॉल्ड ऑक्सीजन सेंसर, क्लोरीन सेंसर और प्रेशर सेंसर लगाए जाएंगे। एक जहां से पानी छोड़ा जाता है, दूसरा बीच में और तीसरा जहां से ब्रांच लाइन में यह सिस्टम लगेंगे।
पब्लिक बाइक शेयरिंग से लोगों को दिलाएंगे राहत
प्रोजेक्ट के तहत पांच हजार साइकिलें चलाई जाएंगी। 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना एक दस्तावेज साइकिल स्टैंड पर जमा करना होगा। इसके लिए एक स्मार्ट कार्ड व एप भी बनाया जाएगा। स्मार्ट कार्ड लेने वाले लोगों को 5 रुपये प्रतिघंटे के हिसाब से चार्ज देना होगा। जिनके पास कार्ड नहीं होगा उन्हें 10 रुपये देने होंगे। एप के माध्यम से ऑनलाइन साइकिल भी बुकिंग करा सकेंगे। साइकिल में जीपीएस के साथ ही एक नंबर प्लेट होगी।
डड्डूमाजरा से डंपिंग ग्राउंड हटाना चुनौती
सीईओ ने कहा कि डड्डूमाजरा में लगभग 20 साल पुराना डंपिंग ग्राउंड है। जहां लगभग 5 लाख टन से ज्यादा कचरा है। बायो माइनिंग की विधि से लीचैट को बनने से रोकेंगे और डेढ़ साल में डंपिंग ग्राउंड हटाएंगे। बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए सेक्टर 22 का सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 35 का हायर सेकेंडरी स्कूल व सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 43 के हायर सेकेंडरी स्कूल के 90 कमरों को स्मार्ट बनाने की तैयारी है।
अमृत योजना के 12 में से 9 प्रोजेक्ट पूरे
अमृत योजना के तहत चंडीगढ़ में कुल 12 योजनाएं थीं जिसमें से 9 को पूरा कर लिया गया है। 3 लगभग पूरी होने वाली हैं। चंडीगढ़ देश का ऐसा पहला शहर हैं जिसने समय सीमा में सारे प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। योजना के तहत 19 करोड़ की लागत वाले 7 प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं। वाटर सप्लाई और पार्कों के विकास के लिए 26.38 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। दिसंबर 2020 तक सभी योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है। सीएंडडी प्लांट भी इसी योजना के तहत बनेंगे। इसके अलावा 48 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट भी शहर में लगेंगी।
आवेदन आए, लेकिन नहीं मिले आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चंडीगढ़ में 10 हजार 132 लोगों से आवेदन तो कर लिया, लेकिन अभी तक किसी को आवास नहीं मिला है। इसके लिए यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार कोे प्रोजेक्ट बनाकर भेजा है। इसके अलावा 250 लोगों को सब्सिडी के लिए चिह्नित किया गया है। सीईओ का कहना है कि स्वीकृति मिलते ही लोगों के लिए आवास की भी व्यवस्था करेंगे।