चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की शान माने जाने वाले स्टूडेंट सेंटर के टॉप फ्लोर पर स्थित इंडिया कॉफी हाउस का एक हिस्सा रविवार को बंद कर दिया गया। स्टूडेंट्स के लिए इंडिया कॉफी हाउस के फ्रंट का हिस्सा ही खुला रहेगा, वह भी जुलाई महीने में पूरी तरह से बंद हो जाएगा। बंद होने की खबरों के बाद पीयू के पुराने स्टूडेंट्स कैंटीन को आखिरी बार देखने और अपनी यादें ताजा करने के लिए कॉफी हाउस आने शुरू हो गए हैं। स्टूडेंट्स कैंटीन से मालिक जॉय कुरुविला से बंद करने की वजह पूछने के साथ उनकी मदद करने के लिए भी आगे आने लगे हैं।
इंडिया कॉफी हाउस के बंद होने की खबरों सेे पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स काफी आहत हैं। सोशल मीडिया पर भी कैंटीन के बंद नहीं होने को लेकर अभियान चलाए जा रहा हैं। पीयू के पास ऑउट स्टूडेंट्स इंडिया कॉफी हाउस के यादों को साझा कर रहे हैं। बावजूद इसके कैंटीन से मालिक जॉय कुरुविला ने वापस केरल जाने का फैसला कर लिया है। उनका कहना है कि पीयू प्रशासन लगातार उनकी अनदेखी कर रहा है। अब कैंटीन चला पाना संभव नही है। हर साल किराया बढ़ा दिया जाता है, लेकिन सामानों का रेट बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी जा रही। कॉफी हाउस को बंद करने के अलावा अब कोई चारा नहीं रह गया है।
बिकने की खबर के बाद लेनदारों की लगी लाइन
इंडिया कॉफी हाउस के मालिक ने बताया कि जब से उन्होंने कैंटीन छोड़नेे का फैसला किया और इसे रेंट पर लेने वाले लोगों की लाइन लग गई है। रोजाना कई लोग उनसे कैंटीन से संबंधित जानकारी लेने पहुंच जाते है। दरअसल, फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने 1960 में पीयू में स्टूडेंट सेंटर की स्थापना कराई। यह भवन 60 साल पुराना है। इस सेंटर के नीचे साइकिल स्टैंड होता था। चारों ओर से यह खुला हुआ था। लगभग 15 साल पहले इसका नक्शा ही बदल दिया गया। पार्किंग को खत्म कर दिया गया। चारों ओर से कवर्ड कर दिया गया। इसमें एटीएम, कॉफी हाउस, खाना खजाने की दुकानें आदि खोल दी गईं।