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चंडीगढ़ः बैंकों की गलती से डिफाल्टर बन गए 11 हजार अलॉटी, हाउसिंग बोर्ड ने दी बड़ी राहत

Sat, 22 Jun 2019 12:27 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh Housing Board
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बैंकों में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के सैकड़ों अलॉटियों को डिफाल्टर बनकर चुकाना पड़ रहा है। रेंट नहीं जमा करने को लेकर स्मॉल फ्लैट्स के 11 हजार 694 डिफाल्टरों को सीएचबी की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस मिलने के बाद अलॉटी अपना रेंट जमा होने की रसीद लेकर सीएचबी के पास आ रहे हैं तो हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बोर्ड की मानें तो सैकड़ों अलॉटी अपना रेंट बैंक में तो जमा कर रहे हैं, लेकिन बैंक द्वारा इस रेंट को बोर्ड के सस्पेंस खाते में डाला जा रहा है।
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इसके चलते अलॉटी लंबे समय से भटक रहे हैं। बोर्ड का कहना है कि जिन अलॉटियों का रेंट सस्पेंस खाते में चला गया है, उनका रेंट समायोजित किया जाएगा। यह मामला तब उजागर हुआ है जब सीएचबी के सस्पेंस अकाउंट की राशि लगातार बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा हो गए हैं। इस पर सीएचबी ने बैंकों से कहा है कि वह अलॉटियों की पूरी डिटेल्स लेकर उनके नाम पर रुपये जमा करवाएं, जिससे कि अलॉटियों को राहत मिल सके।

जानकारी के मुताबिक बैंक के पास अलॉटियों का पूरा ब्यौरा नहीं होने के चलते ऐसा हो रहा है। अलॉटी अपना रेंट तो संबंधित बैंकों में जमा कर रहे हैं लेकिन डिटेल्स में गड़बड़ी होने के चलते अलॉटियों द्वारा जमा किए करोड़ों रुपये बोर्ड से सस्पेंस खाते में डाल दिए जाते रहे हैं। बोर्ड ने इस संदर्भ में बाकायदा एक नोटिस जारी किया है। सीएचबी सूत्रों की मानें तो सस्पेंस अकाउंट की जांच ठीक प्रकार से हुई तो डिफाल्टरों की संख्या बहुत कम हो सकती है।
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ऐसे कैसे रेंट जमा कर रहा बैंक
सीएचबी के ज्यादातर खाते एसबीआई और एक्सिस बैंक में हैं। सूत्रों की मानें तो यदि अलॉटियों के दस्तावेज बैंकों में मौजूद नहीं हैं तो किस आधार पर लोगों से रेंट जमा करवाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों की लापरवाही से सैकड़ों लोगों को नोटिस का दंश झेलना पड़ रहा है।

 
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इन एरिया के डिफाल्टरों को भेजा गया नोटिस

सैकड़ों सीएचबी के अलॉटी बीते कई साल से अपना रेंट बैंक के खातों में जमा कर रहे हैं। इसके बावजूद बोर्ड द्वारा उन्हें लगातार नोटिस भेजा जा रहा है। बोर्ड की सख्ती के बाद इस संदर्भ में बीते कई महीनों से अलॉटी बोर्ड को बता रहे हैं कि उन्होंने रेंट जमा करवा दिया है। फिर भी उनके पास नोटिस भेजे जा रहे हैं।

बोर्ड के मुताबिक धनास से 7333, राम दरबार में 534, सेक्टर-49 में 886, सेक्टर-38 वेस्ट में 997, मौली जागरां में 1300, सेक्टर-56 पलसौरा में 542 और इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 102 डिफाल्टर हैं। अब सस्पेंस खाते में करोड़ों जमा होने की बात सामने आने के बाद डिफाल्टरों की संख्या बहुत कम हो सकती है। अब वही लोग रेंट नहीं जमा करा रहे हैं जिन्होंने बैंकों में रेंट जमा कर रखा है।

बोर्ड ने यहां कैंप लगाकर करोड़ों रुपये किए जमा
बताया जाता है कि सैकड़ों अलॉटी ऐसे भी हैं जिन्होंने नोटिस मिलने के बाद मकान कैंसिलेशन के डर से दोबारा सीएचबी के कैंपों में हजारों रुपये रेंट का जमा करा दिया है। रेंट जमा करने की बात अलॉटियों ने कई बार बोर्ड से कही, लेकिन कोई इनके सुनने को तैयार नहीं हुआ तो थक हार कर लोगों ने दोबारा कैंपों में रेंट जमा कर दिया।

बोर्ड ने जिन कॉलोनियों और सेक्टरों में ये कैंप लगाए हैं उसमें धनास, राम दरबार, मौली जागरां, सेक्टर-38 वेस्ट, सेक्टर-49, सेक्टर-56 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 शामिल हैं। बोर्ड ने डिफाल्टरों की अब जो लिस्ट जारी की थी, उसमें 30 अप्रैल 2019 तक के डिफाल्टर शामिल हैं।
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