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चंडीगढ़ः आइलेट्स बीच में छोड़ी तो कोचिंग सेंटर ने फीस नहीं की वापस, फोरम ने लगाया जुर्माना

Sat, 22 Jun 2019 12:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट, कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो
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आइलेट्स की कोचिंग कर रहे एक स्टूडेंट की फीस वापस नहीं करना कोचिंग सेंटर को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर-17 स्थित टचस्टोन एजुकेशनल्स को सेवा में कोताही का दोषी पाया और निर्देश दिए कि वह शिकायतकर्ता को जितनी कक्षाएं उसने लगाईं हैं, उसकी फीस काटकर बाकी की वापस करे। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 7000 रुपये मुआवजा और 5000 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर 30 दिन के अंदर इनकी पालना करनी होगी, नहीं तो कंपनी को रिफंड और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा। ये आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।
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जीरकपुर स्थित ढकोली में रहने वाले अमृतपाल सिंह ने शिकायत दी थी। शिकायत में कहा कि 28 फरवरी को उन्होंने 8 हफ्ते की आइलेट्स की कोचिंग लेने के लिए 25 हजार 150 रुपये फीस जमा की। 1 से 6 मार्च तक उन्होंने कक्षाएं अटेंड की, लेकिन किसी कारणवश कोचिंग छोड़नी पड़ी। शिकायतकर्ता ने कोचिंग छोड़ने केे बाद बाकी बचे 7 हफ्ते की फीस वापस करने की मांग की, लेकिन सेंटर के अधिकारियों ने मना कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें एक्सपार्टी करार दिया गया।

फोरम ने अपने आदेशों में कहा कि शिकायतकर्ता ने एक हफ्ते की कक्षा अटेंड की, जबकि उसने फीस 8 हफ्ते की फीस जमा की है। ऐसे में कानून के मुताबिक कोई भी एजुकेशनल संस्था बिना अटेंड किए कक्षाओं की फीस नहीं ले सकता। फोरम ने टचस्टोन एजुकेशनल्स को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए जुर्माना लगाया।
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