चंडीगढ़। मयूरासन, शीर्षासन, चक्रासन, वृश्चिकासन, शलभासन जैसे आसनों को करना हर किसी के बस की बात नहीं है। जब यह आसन घोड़े पर करने की बात की जाए तो यह और भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन इस बार 21 जून को सेक्टर 17 प्लाजा में इन मुश्किल आसनों को आसानी से देख सकेंगे। असंभव सी नजर आने वाली योग की कोशिश को चंडीगढ़ पुलिस, आईटीबीपी और आरपीएफ के जवानों ने संभव कर दिखाया है। इसके साथ ही इन्होंने घुड़सवारी के साथ योग को मानों एक ही सांचे में ढाल दिया है।
इंटरनेशनल योग दिवस पर प्लाजा में होने वाले कार्यक्रम को लेकर बुधवार की सुबह संबंधित लोगों को ट्रेनिंग दी गई। खास बात यह है कि इस बार योग को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए घोड़े पर योग किया जाएगा। वैसे तो दौड़ते घोडे़ पर योग करना आसान नहीं रहता है, लेकिन पुलिस विभाग के जवानों ने इसे बखूबी कर दिखाया है। इंटरनेशनल योग डे पर होने वाले कार्यक्रमों की ट्रेनिंग के दौरान प्लाजा में घोड़े पर योग की कला देखने केलिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां पर अपने-अपने स्तर पर योग के साथ घुड़सवारी को एक रूप देते हुए दोनों को ही लोकप्रिय बनाने की हैरतअंगेज कोशिश की गई।
यह होता है लाभ
विशेषज्ञों की मानें तो घोड़े पर योग करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे सवार और घोड़े के बीच सामंजस्य अच्छे से बनता है। दोनों में ही समान रूप से शारीरिक स्थिरता, एकाग्रता, संतुलन जैसे गुण विकसित होते हैं। पर यह तब ही किया जाना चाहिए, जब घोड़ा सवार के साथ अच्छा बर्ताव करे। यही नहीं, सवार को भी घोड़े के स्वभाव को समझना होगा।
इन्होंने लिया ट्रेनिंग
प्रशासन के अफसरों की मानें तो प्लाजा के अलावा सेक्टर-23 योगा कॉलेज, पतंजलि योग पीठ, आर्ट आफ लिविंग, ब्रह्माकुमारी, चंडीगढ़ योगा एसोसिएशन, चंडीगढ़ योगा फेडरेशन सहित शहर के कई अन्य संस्थानों ने ट्रेनिंग में भाग लिया। प्रशासन स्तर पर इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस संदर्भ में एडीसी सचिन राणा ने बताया कि इस बार करीब 35 सौ लोगों के लिए प्लाजा में योग करने की व्यवस्था की गई है।