चंडीगढ़। सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा को सस्पेंड करने के विरोध में वीरवार को यूनियन के सदस्य व सफाई कर्मचारी नगर निगम का घेराव करेंगे। सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक सफाई कर्मी प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बुधवार को सेक्टर-17 स्थित कार्यालय में बैठक कर यूनियन के अध्यक्ष व सदस्यों ने यह फैसला लिया। साथ ही कहा कि अगर यूनियन अध्यक्ष को सस्पेंड करने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो कर्मचारी उग्र प्रदर्शन भी करेंगे।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान महासचिव ओमपाल सिंह चावर ने बताया कि मंगलवार शाम को कमिश्नर केके यादव ने यूनियन के अध्यक्ष को सस्पेंड करने की कार्रवाई की थी। कोई कार्रवाई न करने का आश्वासन देने के बाद जब कार्रवाई हुई तो यूनियन ने नगर निगम अधिकारियों को 24 घंटे का समय दिया था ताकि विचार कर वह अपना निर्णय बदल सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विरोध में अब वीरवार को निगम कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि यह निर्णय किसी रिपोर्ट के आधार पर नहीं बल्कि मेयर राजेश कालिया की साजिश पर हुआ है।
मांगों को लेकर अध्यक्ष गए थे कमिश्नर के पास
यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि 11 जून को कमिश्नर के पास सफाई कर्मचारियों की कुछ मांगों को लेकर गए थे। उन्होंने 13 जून को आने को कहा। जब तय समयानुसार मीटिंग में पहुंचे तो मेयर राजेश कालिया ने आने नहीं दिया। उसके बाद जबरन मीटिंग में घुसने का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दे दी। कमिश्नर ने एमओएच को जांच के लिए कहा, लेकिन जांच भी मेयर के निर्देश पर एक पक्षीय हुई है। मेयर ने साजिश के तहत सस्पेंड करवाया है। जो गलत है।
यह है मेयर व यूनियन अध्यक्ष का विवाद
13 जून को मेयर राजेश कालिया निगम के अधिकारियों संग मीटिंग कर रहे थे। तभी सफाई कर्मचारी यूनियन केअध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा कमरे में घुस आए और सफाई कर्मचारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध करने लगे। बात जब हाथापाई तक पहुंच गई तो एडीशनल कमिश्नर-2 एसके जैन ने किसी तरह मामला शांत कराया। देर शाम मेयर ने सेक्टर 17 स्थित पुलिस स्टेशन में सूचना देकर पुलिस को बुलाया और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कृष्ण कुमार चड्ढा के खिलाफ लिखित शिकायत दी। वहीं थोड़ी ही देर बाद यूनियन के अध्यक्ष ने अभद्र भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए मेयर के खिलाफ भी थाने में शिकायत दे दी। कमिश्नर केके यादव ने सोमवार को छुट्टी से लौटने के बाद एडीशनल कमिश्नर-2 को जांच के लिए कहा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
आखिर बाहर कैसे बात पहुंची, जांच कराएंगे
मेयर राजेश कालिया ने कहा कि मीटिंग में काम न करने वाले कर्मचारियों की गैरहाजिरी लाल पेन से मार्क करने का फैसला हुआ था। यह बात मीटिंग में बैठे किसी व्यक्ति ने केके चड्ढा को बता दी। उसके बाद वह मीटिंग में आ गए। बड़ी बात यह है कि आखिर अफसरों को क्या डर है कि काम न करने वाले सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई हो रही है। इसमें कुछ अफसरों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। जिल अफसरों के कार्यकाल में कर्मचारियों ने मौज किया है उन्हें भी छोड़ा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ विजलेंस जांच के लिए एडवाइजर व गवर्नर को लिखूंगा।
कोट
सफाई व्यवस्था ठप करने की बात मेरे सामने नहीं आई है, लेकिन एडीशनल कमिश्नर की रिपोर्ट केआधार पर कार्रवाई की गई है। कोई भी नियम तोड़ेगा उसकेखिलाफ कार्रवाई तो होगी। हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं। अव्यवस्था के डर से किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
केके यादव, नगर निगम कमिश्नर