सफाई कर्मचारी यूनियन का विरोध प्रदर्शन
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मेयर राजेश कालिया और सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा के विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। एडीशनल कमिश्नर-2 एसके जैन की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर केके यादव ने कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंशन ऑर्डर मिलते ही अध्यक्ष समेत यूनियन के लोग आक्रोशित हो गए। यूनियन ने आनन-फानन में मीटिंग बुलाई और नगर निगम से 24 घंटे में अध्यक्ष के सस्पेंशन का फैसला वापस लेने को कह दिया। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरे शहर में सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।
कमिश्नर केके यादव ने बताया कि मामले की जांच के लिए एडीशनल कमिश्नर-2 एसके जैन को कहा गया था क्योंकि विवाद वाले स्थान पर वह मौजूद थे। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष को दोषी पाया गया है। फिलहाल उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। आगे चार्जशीट दायर की जाएगी। एक कमेटी बनाकर दोनों पक्षों को सुना जाएगा। उसके बाद और कार्रवाई के बारे में विचार किया जाएगा। मेयर ने पुलिस को दी गई शिकायत की एक कॉपी भी उपलब्ध कराई है। किसी भी सरकारी कामकाज में बाधा डालना बड़ा अपराध है।
इस प्रकार के कृत्य करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उधर, सस्पेंशन ऑर्डर मिलने के बाद सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा ने अपने ऑफिस में एक मीटिंग बुलाई। इसमें यूनियन ने निर्णय लिया कि 24 घंटे के अंदर निगम ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे के बाद विभिन्न यूनियन के कर्मचारियों को पर्चा बांटेंगे। उसके बाद वीरवार सुबह से पूरे शहर का सफाई व्यवस्था का कामकाज ठप कर देंगे। इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी मेयर व नगर निगम के अधिकारियों की होगी।
जांच रिपोर्ट में नहीं बताई गई पूरी बात
कर्मचारी यूनियन के कुछ सदस्य सस्पेंशन ऑर्डर जारी होने के बाद कमिश्नर से मिलने नगर निगम पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर से कहा कि एक दिन पहले आश्वासन देने के बाद भी सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल जो जांच रिपोर्ट आई है। उसके आधार पर कार्रवाई की गई है। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि जांच रिपोर्ट में दोनों पक्षों की पूरी बात नहीं बताई गई है। मेयर की बात के आधार ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर दी गई है। कमिश्नर ने कहा कि आगे कमेटी तय करके जांच कराएंगे।
यह है पूरा मामला
13 जून को मेयर राजेश कालिया निगम के अधिकारियों संग मीटिंग कर रहे थे। तभी सफाई कर्मचारी यूनियन केअध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा कमरे में घुस आए और सफाई कर्मचारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध करने लगे। बात जब हाथापाई तक पहुंच गई तो एडीशनल कमिश्नर-2 एसके जैन ने किसी तरह मामला शांत कराया। देर शाम मेयर ने सेक्टर 17 स्थित पुलिस स्टेशन में सूचना देकर पुलिस को बुलाया और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कृष्ण कुमार चड्ढा के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
वहीं थोड़ी ही देर बाद यूनियन के अध्यक्ष ने अभद्र भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए मेयर के खिलाफ भी थाने में शिकायत दे दी। कमिश्नर केके यादव ने सोमवार को छुट्टी से लौटने के बाद एडीशनल कमिश्नर-2 को जांच के लिए कहा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
अफसरों के खिलाफ भी विजलेंस जांच को लिखूंगा : मेयर
मेयर राजेश कालिया ने कहा कि काम न करने वाले सफाई कर्मियों पर तो कार्रवाई होगी ही। साथ ही जिन अफसरों के कार्यकाल में इन लोगों ने मौज की है उनकी खिलाफ भी विजलेंस जांच के लिए एडवाइजर व गवर्नर को पत्र लिखूंगा। क्योंकि कार्रवाई की बता से कई अफसरों को भी परेशानी हो रही है। गैरहाजिर सफाई कर्मचारियों के न आने पर लाल पेन से निशान लगाने की चर्चा केवल मीटिंग में हुई थी। आखिर कैसे, यूनियन तक यह बात पहुंची। इससे स्पष्ट है कि कई कर्मचारी भी कार्रवाई से डर रहे हैं, लेकिन लापरवाही करने वाला कोई भी बचेगा नहीं। कार्रवाई सभी पर होगी।
निगम के सामने स्वच्छता अभियान की चुनौती
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने की चेतावनी से अब निगम के सामने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की चुनौती होगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए बिगुल बज चुका है। वर्ष 2018-19 में 20वें रैंक पर आने के बाद चंडीगढ़ को फिर से टॉप पर लाना निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी, इसलिए अब लायंस कंपनी के सहारे ही सफाई व्यवस्था है। वहीं पिछले दिनों लायंस कंपनी के कर्मचारियों ने भी कंपनी के खिलाफ हड़ताल कर दी थी। यदि उन्होंने सफाई कर्मचारियों को समर्थन दिया तो चुनौती और बढ़ जाएगी।