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मोहाली की 300 बिल्डिंगें आग से सुरक्षित नहीं

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मोहाली। सूरत में हुई आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा करवाए गए फायर सेफ्टी ऑडिट में जिले की बिल्डिंगों की पोल खुल गई है। ऑडिट में सामने आया है कि 300 से अधिक इमारतें आग से सुरक्षित नहीं हैं। जरा सी भी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। फायर विभाग द्वारा सोमवार को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सबमिट कर दी जाएगी। इसके बाद प्रशासन द्वारा इन बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो फायर विभाग ने तो ऐसी बिल्डिंगों को सील करने की सिफारिश की है।
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जानकारी के मुताबिक 23 मई को जब सूरत में आग लगने का मामला सामने आया था, उसके बाद पूर्व डीसी गुरप्रीत कौर सपरा ने फायर सेफ्टी विभाग को फायर सेफ्टी ऑडिट करने के आदेश दिए थे। विभाग को अपनी रिपोर्ट 7 जून को देनी थी। इस दौरान विभाग ने सबसे पहले फेज-3बी2 से अपना सर्वे शुरू किया था। इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। ज्यादातर कोचिंग संस्थान पहली या दूसरी मंजिल पर स्थित हैं। यहां तक कि आने-जाने के लिए उचित सीढ़ियां तक नहीं थीं। यही हाल अन्य इमारतों का था। इसके अलावा सिविल अस्पताल और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के फायर सेफ्टी सिस्टम में भी कुछ खामियां पाई गई हैं।

इन इलाकों के लोग चंडीगढ़ पर निर्भर
मोहाली शहर का विकास काफी हो गया है। एक तरफ नया एरो सिटी, आईटी सिटी बस गए हैं, दूसरी तरफ मुल्लांपुर में इको सिटी और मेडिसिटी बनने जा रही है। ऐसे में लोग भी मांग कर रहे हैं कि वहां पर फायर विभाग का दफ्तर भी बनाया जाए। अभी तक लोग चंडीगढ़ या मोहाली पर ही निर्भर हैं। खरड़ को हाल ही में गाड़ी मंजूर हुई है।
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