पंचकूला। बरवाला के गांव बतौड में खेतीबाड़ी की जमीन के विवाद में भाई ही भाई की जान का दुश्मन बन बैठा है। दरअसल, गांव बतौड निवासी संजय पर 10 मरले जमीन के विवाद में उनके भाई नरेंद्र, उसके बेटों और पत्नी ने गंडासी, डंडों व रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। पिता को घायल हालत में देख संजय का बेटा भानु पिता को छुड़वाने के लिए बीच में आया तो हमलावर बन चुके अपनों ने ही उसे भी नहीं बख्शा। हमलावरों ने भानु पर भी गंडासी व लाठियों से हमला कर डाला। इसके बाद संजय के चाचा का बेटा व अन्य दोनों घायलों को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल ले गए। घायल संजय को सात जगहों और भानु को पांच जगहों पर शार्प व ब्लंट चोट आई। हालांकि डॉक्टरों ने उपचार के बाद दोनों की जान खतरे से बाहर बताई। वहीं, बरवाला चौकी के पुलिसकर्मियों ने घायलों से पूछताछ कर उनकी शिकायत पर आरोपी हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में नरेन्द्र, उसका बेटा विशाल और अभिषेक हैं। थाना चंडीमंदिर पुलिस ने आरोपियों को गांव बतौड से ही गिरफ्तार किया।
10 मरले जमीन के लिए बहाया खून
बतौड निवासी घायल संजय (42) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया भाई नरेन्द्र से उनका लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद गहराया हुआ है। विवाद सुलझाने को दोनों पक्षों के बीच कई बार बातचीत हुई और समझौता भी हुआ था। लेकिन बीते चार जून को संजय खेत से चाय लेने घर पहुंचे। तो सामने के मकान में रहने वाले भाई नरेन्द्र ने इशारा कर संजय को घर से बाहर बुलाया। संजय के कारण पूछने पर नरेन्द्र ने आमने-सामने बात करने की बात कही। नरेन्द्र ने भाई संजय से कहा कि उसने खेत की जमीन से अपने कब्जे वाली 10 मरले जमीन बेच दी है। उसने संजय को उसका कब्जा छोड़ने को कहा। लेकिन संजय के इनकार करने पर नरेन्द्र ने उससे कब्जा नहीं छोड़ने पर उन्हें जान से मारने की बात कही। फिर नरेंद्र के बेटों विशाल और अभिषेक ने चाचा संजय पर गंडासी और लाठियों से हमला कर दिया। नरेन्द्र की पत्नी लक्ष्मी ने भी पति नरेंद्र को रॉड दी। घायल संजय की आवाज सुनकर उनका बेटा भानु बचाव के लिए आया तो उस पर भी गंडासी व लाठियों से हमला कर डाला। संजय के नीचे गिरने पर उसके चाचा के बेटे जितेंद्र व भूपेंद्र उन्हें व भानु को सिविल अस्पताल-6 ले गए।