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भाभी ने देवर की जिंदगी बचाने के लिए दी अपनी किडनी

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पंचकूला। पिता और भाई के मेडिकल अनफिट होने के बाद भाभी ने किडनी देकर अपने देवर की जान बचाई। इसमें डॉक्टरों ने सफल किडनी प्रत्यारोपण में डॉक्टरों ने सफलता हासिल की।
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त्याग और स्नेह की मिसाल कायम करते हुए यमुनानगर की एक महिला सुनीता ने अपने देवर सतिंदर की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान की। सतिंदर कुमार (32) एमबीए करने के बाद अपने कैरियर में आगे बढ़ रहा था कि लगभग एक साल पहले उसके स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आई। भूख कम लगने लगी और बार-बार उल्टी आने से कमजोरी भी हो गई। वह एक जोखिमपूर्ण स्थिति से जूझ रहा था, जिसमें इसका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं आ रहा था। सतिंदर के पिता और बड़ा भाई उसकी जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने के लिए तैयार थे, लेकिन दोनों ही मेडिकल तौर पर अनफिट पाए गए। उनकी मां पहले से ही काफी लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित थीं, ऐसे में वे भी किडनी दान नहीं कर सकती थीं। ऐसे में उसकी भाभी सुनीता (35) उसकी जान बचाने के लिए आगे आई। 7 वर्षीय बच्चे की मां सुनीता से अपने देवर की तकलीफ देखी नहीं गई और उन्होंने अपनी किडनी देने की बात रखी। सुनीता ने बताया कि मेरे लिए, मेरा परिवार सबसे पहले आता है और मैं अपने परिवार को इस अत्यधिक दुखी परिस्थितियों में नहीं देख सकती थी। सुनीता ने कहा कि मुझे अपने देवर को अपने सामान्य जीवन में वापस आते हुए देख काफी खुशी हुई। अलकेमिस्ट अस्पताल के डॉ. नीरज गोयल, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन और कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट ने सफलतापूर्वक उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की।

मेडिकल चेकअप में पता चला था
मेडिकल चेकअप के बाद पता चला कि उनके दोनों गुर्दे (किडनियां) खराब हो चुकी हैं। अपने जीवन को बचाने के लिए उसने अपना नियमित डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया। हालांकि डायलिसिस पर उनकी स्थिति काफी खराब हो गई थी, क्योंकि वह डायलिसिस को अच्छी तरह से बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। सतिंदर की स्थिति तब और जटिल हो गई जब उनको ब्लड संबंधित हैपेटाइटिस इंफेक्शन हो गया और उनका दिल भी काफी कमजोर हो गया। हालात ये हो गई कि उनका दिल उनके 28 प्रतिशत ब्लड को ही पंप कर कर पाने में सक्षम थे। बीमारी के चलते नौकरी भी चली गई और उपचार पर होने वाले खर्च से उस पर वित्तीय बोझ भी काफी बढ़ गया था और उसे बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था। हालात काफी खराब हो गए थे। ऐसे में डॉक्टरों ने उसको अपनी जान बचाने के लिए जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
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