पंचकूला। सेक्टर-26 गवर्नमेंट पॉली क्लीनिक में लेडी स्टाफ से छेड़छाड़ मामले में सेक्टर-5 महिला थाना पुलिस ने आरोपी एसएमओ डॉ. सुखराज सिंह पर केस दर्ज किया है। एसएमओ पर छेड़छाड़ और लज्जा भंग की धाराओं के तहत केस दर्ज कर पुलिस की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की ओर से तीन बार रिमांइड भेजकर डीजीपी से पूछा गया था कि मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसके बाद मामले में केस दर्ज किया है।
सेक्टर-26 पॉली क्लीनिक में काम करने वाली करीब दस महिलाओं ने एसएमओ सुखराज सिंह के खिलाफ शिकायत दी है। वह उनसे गाली-गलौज और छेड़छाड़ करता है। उसका व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं है। इसे लेकर महिलाओं ने पहले पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो महिला कर्मियों ने सीएम विंडों में शिकायत दी। इसके बाद भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला कर्मियों ने हरियाणा राज्य महिला आयोग को शिकायत दी। महिला आयोग की ओर से डीजीपी से मामला दर्ज करने के लिए लेटर लिखा। इसके बाद भी आरोपी एसएमओ डॉ. सुखराज सिंह पर केस दर्ज नहीं हुआ। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने तीन बार डीजीपी को रिमांइडर भेजा कि इस मामले में मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। इसके अलावा उनकी ओर से डीजी हेल्थ, सीएमओ से पूछा कि इस मामले में क्या जांच की गई। इस पर जनरल अस्पताल की ओर से सेक्सुअल हैरासमेंट कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। वहीं, महिला थाना पुलिस ने शिकायत के तीन दिन बाद सेक्टर-26 पॉली क्लीनिक के एसएमओ डॉ. सुखराज सिंह पर केस दर्ज किया है।
महिला को कमेटी पर नहीं था भरोसा
सेक्टर-6 जनरल अस्पताल की सेक्सुअल हैरासमेंट कमेटी की जांच पर शिकायत देने वाली महिला को भरोसा नहीं था। इस मामले केे लेकर उसने सोमवार को महिला आयोग से गुहार लगाई थी कि जांच कमेटी सही तरीके से मामले की जांच नहीं कर रही है। जांच कमेटी में शामिल डॉक्टर एसएमओ सुखदेव सिंह के साथ काम कर चुके हैं। इसलिए हम पर भी कमेटी की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। इसे लेकर जांच प्रभावित हो सकती है। महिला कर्मी की शिकायत के बाद तीसरी बार हरियाणा राज्य महिला आयोग ने रिमांइडर भेजकर डीजीपी, डीजी हेल्थ और सीएमओ से मामले की रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट मांगने के बाद पुलिस की ओर से मंगलवार को केस दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले की जांच करने पहुंची
पुलिस मामले की जांच करने के लिए सेक्टर-26 पॉली क्लीनिक पहुंची। पॉली क्लीनिक जाने के बाद जहां पर महिला से छेड़छाड़ की बात सामने आई थी। पूरा केविन खंगाला। केविन के सैंपल पुलिस ने इकट्ठा किए। महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराए। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था।
यह कहना है पीड़िता का
पीड़िता ने बताया कि महिला आयोग की सख्ती के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। हमने सभी जगह शिकायत दी थी इसके बाद भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
- पीड़ित महिलाकर्मी, सेक्टर-26 पॉली क्लीनिक।
यह कहना है एसएमओ का
पॉली क्लीनिक के एसएमओ डॉ. सुखराज सिंह का कहना है मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। मुझे फंसाया जा रहा है। जांच में सब साबित हो जाएगा।
पुलिस ने मामले की जांच करने के बाद केस दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- नुपूर बिश्नोई, एसीपी क्राइम, पंचकूला।
महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध में पुलिस की ओर से मामला दर्ज करने में देरी की जाती है। पुलिस हर केस में महिला की शिकायत पर केस दर्ज करने में देरी करती है। इस कारण उन्हें पीड़ा से गुजरना पड़ता है। मेरा कहना है कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू करे। अगर मामले में आरोपी दोषी नहीं है तो एफआईआर कैंसिल हो जाएगी। पुलिस की ओर से महिला की शिकायत के बाद मैने तीन बार रिमांइडर भेजा तब जाकर केस दर्ज हुआ है। इस तरह की हालत में महिलाओं के साथ न्याय नहीं होता है।
- प्रतिभा सुमन, अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग।