शाट्स और टैंक पिचकारी से हवा में घुलेगा गुलाल
- मुर्गा बाल और रंग बिरंगे बालों वाले विग की है डिमांड
- साफ - सफाई का ध्यान रखने वालों के लिए स्प्रे पिचकारी भी उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। होली के त्योहार को एक दिन बाकी है। इस बार होली के रंगों से सजी दुकानें भी देशभक्ति के रंग में रंगी हैं। मार्केट में कई तरह की पिचकारी उपलब्ध है लेकिन गन पिचकारी इन सब में खास है। बैटरी से चलने वाली इस गन पिचकारी में अलग-अलग रंगों का मिश्रण करके इसमें भरा जा सकता है। 980 रुपये रुपये की इस गन पिचकारी की मांग चाहे स्टूडेंट्स हो या पबजी के दीवानों में सबसे अधिक है।
गुलाल शॉट्स को फुटाने पर निकलेगा रंग
होली में बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस बार मार्केट में कार्टून कैरेक्टर मोटू-पतलू, बार्बी डॉल, डोरमोन, शिंनचेंग, स्पाइडमांग, इंस्पेक्टर चिंगम के कैरेक्टर में बनी टंकी वाली पिचकारियां उपलब्ध हैं। सेक्टर-20 स्थित दुकानदार विपिन डोगरा ने बताया कि इस बार मार्केट में गुलाल शॉट्स भी उपलब्ध हैं जिन्हें फुटाने पर रंग निकलेगा। शार्टस की कीमत 100 रुपये से शुरू है। इसके अलावा मार्केट में दो मुंह वाली पिचकारी भी उपलब्ध हैं।
साफ-सफाई का ध्यान रखने वालों के लिए स्प्रे पिचकारी
ऐसे लोग जिन्हें रंगों से एलर्जी हो या जो अपने हाथ रंगों से गंदे न करना चाहते हो उनके लिए दुकानों में स्प्रे पिचकारी बेची जा रही है। जिसकी कीमत 250 रुपये है। इसके अलावा बाजार में जल्दी उतरने वाले हर्बल रंग भी मौजूद है जिसकी कीमत 20 रुपये से शुरू है। पानी में घुलने वाले रंगों की भी बहुत अधिक खरीददारी की जा रही है।
मुर्गा बाल और रंग-बिरंगे बालों वाले विंग की है डिमांड
महिलाओं और युवतियों द्वारा अपने बालों को विशेष ध्यान रखने के लिए कलरफुल विंग की खरीददारी की जा रही है। जिसकी कीमत 100 से 250 रुपये है। वहीं पुरुषों की पहली पसंद मुर्गा बाल और शार्ट हेयर हैं। युवाओं द्वारा होली वाली विशेष टी-शर्ट भी खरीदी जा रही हैं। मार्केट में रंगों के कैप्सूल भी बेचे जा रहे हैं जिसे हाथ में रगड़ने पर रंग दूसरों को लगा सकते है और यह रंग आसानी से निकल भी जाता है। आंखों के बचाव के लिए अभिभावक अपने व बच्चों के लिए चश्मे खरीद रहे हैं।
होलिका दहन पूजा-विधि
- सबसे पहले होलिका पूजन के लिए पूर्व या उत्तर की ओर अपना मुख करके बैठें।
- अब अपने आसपास पानी की बूंदे छिड़कें।
- गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमाएं बनाएं।
- थाली में रोली, कच्चा सूत, चावल, फूल, साबुत हल्दी, बताशे, फल और एक
लोटा पानी रखें।
- नरसिंह भगवान का स्मरण करते हुए प्रतिमाओं पर रोली, मौली, चावल, बताशे
और फूल अर्पित करें।
- अब सभी सामान लेकर होलिका दहन वाले स्थान पर ले जाएं।
- अग्नि जलाने से पहले अपना नाम, पिता का नाम और गोत्र का नाम लेते हुए
अक्षत (चावल) उठाएं
- भगवान गणेश का स्मरण कर होलिका पर अक्षत अर्पण करें।
- इसके बाद प्रहलाद का नाम लें और फूल चढ़ाएं।
- भगवान नरसिंह का नाम लेते हुए पांचों अनाज चढ़ाएं।
- अब दोनों हाथ जोड़कर अक्षत, हल्दी और फूल चढ़ाएं।
- कच्चा सूत हाथ में लेकर होलिका पर लपेटते हुए परिक्रमा करें।
- गोबर के बिड़कले को होली में डालें।
- आखिर में गुलाल डालकर लोटे से जल चढ़ाएं।
होलिका दहन का मुहूर्त
शुभ मुहूर्त शुरू - रात 08:58 बजे से - 11:34 बजे तक
होली खेलते वक्त रखे इन खास बातों का ध्यान
होली खेलने से पहले हर व्यक्ति को सावधान रहना चाहिए कि मौज-मस्ती में भरे माहौल में किसी को हादसे का शिकार न होना पड़े। स्किन स्पेशलिस्ट विकास शर्मा ने बताया कि पिछले साल होली के दौरान उनके पास 50 से 60 केस होली की दुर्घटना के कारण आए। जिनमें स्किन एलर्जी, आंखों में चोट लगना, स्किन रेशेज, त्वचा में जलन के मामले मुख्य रहे। उनके अनुसार पहले जहां जड़ी-बूटियों व फूलों से प्राकृतिक रंग बनाए जाते थे वहीं बाजार में सस्ते व घटिया क्वालिटी के रंग बेचे जा रहे जिनमें अलग-अलग केमिकल्स शामिल होते जो कि मनुष्य की त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए हमें होली खेलने से पहले विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
- बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त रंगों का लैब में टेस्ट नहीं होता इसलिए रंग लेने से पहले क्वालिटी देखकर रंग खरीदें।
- हानिकारक रंगों से बालों के जड़ने व रुखेपन की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसलिए बालों को ढकें, कंडीश्नर से धोकर या विंग लगाकर होली खेले।
- बच्चों व गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि नाजुक त्वचा होने के कारण एलर्जी का खतरा बना रहता है।
- होली खेलने से पहले सन स्क्रीन, स्किन बैरियर क्रीम, जैतून या नारियल का तेल लगाकर होली खेलने जाए।
- खुले अंगों को कपड़ों से ढककर रखें।
- दांतों को दाग-धब्बे से बचाने के लिए कैप का इस्तेमाल किया जा सकता हैं।
होली खेलने के बाद ऐसे रखे ख्याल
- हल्के गर्म पानी से नहाए व तेज केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल न करे।
- जलन, खुश्की की शिकायत होने पर कैलामाइन लोसन का प्रयोग करे। तकलीफ ज्यादा होने पर डॉक्टर से संपर्क करे।