फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचकूला में शस्त्र लाइसेंस धारकों को 31 मार्च तक लेना होगा यूआईएन नंबर

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला में शस्त्र लाइसेंस धारकों को 31 मार्च तक लेना होगा यूआईएन नंबर
विज्ञापन


- 272 शस्त्र लाइसेंस धारकों ने नहीं किया इसके लिए अभी तक अप्लाई
- डीसीपी ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन पर जारी किए आदेश

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जिले में 272 शस्त्र लाइसेंस धारकों ने अगर विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) नंबर नहीं लिया है, तो इस तरह के हालात में उनके शस्त्र अवैध घोषित किए जाएंगे। इसके बाद शस्त्र धारक पर लाइसेंस निरस्त होने की कार्रवाई पुलिस विभाग और प्रशासन करेगा। पंचकूला पुलिस उपायुक्त कमलदीप गोयल ने सख्ती दिखाते हुए यह निर्देश गृह मंत्रालय की गाइडलाइन पर जारी किए हैं।
पंचकूला पुलिस उपायुक्त कमलदीप गोयल ने बताया कि यूआईएन नंबर से आनलाइन शस्त्र की जानकारी रहेगी। अभी तक जिले के सभी शस्त्र की जानकारी ऑनलाइन नहीं हो पाई है। क्योंकि लोगों ने अपने शस्त्र के यूआईएन नंबर नहीं लिए हैं। अगर वे 31 मार्च तक शस्त्र का यूआईएन नंबर नहीं लेंगे तो हम उनके शस्त्र निरस्त कर देंगे।
विज्ञापन

पंचकूला जिले में मार्च 2019 तक 2060 शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। इसमें 1778 लोगों ने अपने शस्त्र का यूआईएन नंबर लिया है। यह यूआईएन नंबर ऑनलाइन भी है। वहीं जिले में बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर, मोरनी सहित अन्य गांवों और शहरी क्षेत्र के अभी तक 272 लोगों ने यूआईईडी नंबर नहीं लिया है। इसमें पिस्टल, बंदूक, राइफल के यूआईईडी नंबर नहीं लिए गए हैं। पंचकूला के डीसीपी कमलदीप गोयल ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी शस्त्र धारकों को यूआईएन नंबर दिए जाएंगे। इसके लिए लोगों को अप्लाई करना होगा। जो अस्त्र धारक किसी प्रकार की यूआईएन नंबर के लिए अप्लाई करने में कोताही बरतेंगे उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा कोताही बरतने पर जेल की सजा भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि शस्त्र के रिकार्ड सभी जिलों में ऑनलाइन होंगे। इस नियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य है कि किसी प्रकार से लाइसेंसी शस्त्र का गलत काम में इस्तेमाल न हो।
विज्ञापन


हथियारों का नहीं होगा अवैध इस्तेमाल
पंचकूला के डीसीपी कमलदीप गोयल ने कहा कि एक अप्रैल 2019 से नए और पुराने सभी तरह के शस्त्र लाइसेंस धारकों को एक डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) भी दी जाएगी। गृह मंत्रालय ने बताया कि इसका उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों सहित हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में संलिप्त अधिकृत निजी शस्त्र लाइसेंसधारकों पर रोक लगाना है। एक अप्रैल, 2019 से बिना यूआईएन वाले शस्त्र को अवैध माना जाएगा। वहीं, एक अप्रैल या उससे पहले एक से अधिक लाइसेंस रखने वालों को फार्म-3 भरकर लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकारी को उसके यूआईएन के मुताबिक प्रार्थना पत्र देना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें