एक्सईएन से कमिश्नर ने सिविल हेल्थ एवं हॉर्टिकल्चर का चार्ज वापस लिया
- एक्सईएन लगा रहे साजिश का आरोप, कमिश्नर की निगाहें एक्सईएन पर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। राउंड अबॉउट्स मामले में चार्जशीट के बाद अब निगम प्रशासक राजेश जोगपाल ने एक्सईएन एलसी चौहान से सिविल हेल्थ व हॉर्टिकल्चर का भी चार्ज वापस से लिया है। जबकि इससे पहले चौक सौंदर्यीकरण मामले में प्रशासक द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर उन्हें चार्जशीट भी किया जा चुका है। क्योंकि अब एक्सईएन एलसी चौहान पर निगम के दस्तावेजों पर टेंपरिंग का आरोप लगा है। वहीं, चौहान पूरे प्रकरण में खुद को पाक-साफ बता रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ निगम अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ साजिश की जा रही है।
निगम प्रशासक द्वारा 23 फरवरी को आदेश जारी कर एक्सईएन चौहान को सिविल हेल्थ एवं हॉर्टिकल्चर का चार्ज वापस देने को कहा गया था। अब यह चार्ज कार्यकारी इंजीनियर -1 संजीव गोयल को दे दिया गया है। प्रशासक के आदेश के अनुसार इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल वर्क्स का चार्ज अभी एलसी चौहान के पास ही है। संजीव गोयल को भी निगम कमिश्नर द्वारा एलसी चौहान से चार्ज लेने के आदेश दिए गए हैं। निगम कमिश्नर के आदेश के अनुसार दोनों अधिकारी एक दूसरे से चार्ज देने और लेने के बाद 25 फरवरी को निगम कमिश्नर को रिपोर्ट करेंगे।
एक्सईएन चौहान ने निगम के कई दतावेजों पर की टेंपरिंग: जोगपाल
पंचकूला के राउंड अबॉउटस के मामले को लेकर निगम अधिकारियों के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ जहां निगम एक्सईएन एलसी चौहान ने कहा है कि निगम के कुछ अधिकारियों द्वारा उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। एक्सईएन चौहान का कहना है कि जब राउंड अबॉउटस के काम और टेंडर की प्रक्रिया हो रही थी तो उन्हें निगम कमिश्नर को कई बार लिखत में टेंडर प्रक्रिया रोकने व ठेकेदार को टेंडर ना देने के लिए सचेत किया था। बावजूद इसके निगम कमिश्नर द्वारा टेंडर उसी विवादित ठेकेदार को दे दिया। कुल मिला कर एक्सईएन चौहान इस मामले से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ निगम कमिश्नर अब भी अपने स्टैंड पर कायम हैं और उनका एक्सईएन चौहान के खिलाफ स्पष्ट आरोप है कि एलसी चौहान ने राउंड अबाउट निर्माण से जुड़े निगम के कई दस्तावेजों पर मामला उछलने के बाद टेंपरिंग की है और उसी के आधार पर वह अपने आप को पाक साफ बता रहें हैं। कमिश्नर का कहना है कि एक्सईएन शायद यह भूल रहे है कि टेंपरिंग से पहले वही दस्तावेज निगम के रिकॉर्ड में आज भी मौजूद हैं। कमिश्नर जोगपाल ने बताया कि टेंपरिंग करने के कई सबूत उनके पास हैं और इस मामले में सबूतों सहित एक रिपोर्ट बनाकर वह स्थानीय निकाय विभाग के उच्च अधिकारियों एवं मंत्री कविता जैन द्वारा बनाई गई जांच कमेटी को भी सौंप चुके हैं।