28 तक मोबाइल वैन करेगी अलग-अलग गांवों का दौरा
जिले को लोगों को अधिकारों के प्रति करेगी जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष मेहता ने लघु सचिवालय स्थित न्यायिक परिसर से जिला के विभिन्न गावों में फरवरी माह के दौरान लोगों को कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए चलाई जा रही मोबाईल वैन को झण्डी दिखाकर रवाना किया।
प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी विवेक गोयल ने बताया कि यह मोबाईल वैन माह के दौरान जिला के 28 गांवों में मोबाईल कानूनी जागरूकता शिविर लगाकर लोगों विशेषकर महिलाओं एवं बाल अधिकारों के बारे में जागरूक एवं सचेत करने का कार्य करेंगी। इस वैन में पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लिगल वॉलिंटियर की भी ड्यूटी लगाई गई है। पीएलवी लोगों को प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं के बारे में भी जागरूक करने के साथ-साथ मुहैया करवाने की औपचारिकताओें के बारे में अवगत करवाएंगे। इन शिविरों में पैनल अधिवक्ता विशेषकर बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी देने के साथ महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से भी अवगत करवाएंगें। इसके अलावा मनरेगा योजना, बाल अधिकार, दहेज प्रथा, नशा रोधक, वन्य एवं वन्य प्राणी रोधक, पोक्सो एक्ट, शिक्षा का अधिकार, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, श्रम अधिनियम, अभिभावक संरक्षण अधिकार आदि के बारे में विस्तार से अवगत करवाया जाएगा।
शिविर 2 से 28 फरवरी तक लगातार जिला के विभिन्न गांवों में आयोजित जाएगा। दो फरवरी को मोरनी के गांव शेर जुंवानियां, भोज बालक, चार फरवरी को कालका खण्ड के गांव मल्लाह व थाना की सेर, 5 फरवरी को भुआना, 6 फरवरी सामन्या, 7 फरवरी कोना, 11 फरवरी उतरों, गोबिंदपुर व खेत खुराली, 12 फरवरी को टिबा, 13 फरवरी रामपुर जांगी व नग्गल रौतल तथा 14 फरवरी गोबिन्दपुर में कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी गांव भगवानपुर, 18 फरवरी को सहजानपुर, 19 फरवरी हंगौला व रामसर, 20 भोडां कलां, 21 फरवरी को जनेह, 22 फरवरी को नटवाल व टाबर, 25 फरवरी नागणशु व देबर, 26 फरवरी को छबीलपुर, 27 फरवरी को कजामपुर व टिबरी तथा 28 फरवरी को भोज पोंटा व धुधगढ में कानूनी अधिकारों बारे शिविर आयोजित कर विशेषकर बाल अधिकारों एवं महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं पीएलवी भी मौजूद रहे।