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नगर निगम प्रशासक जोगपाल का शहर के आलोचकों को जवाब

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‘आलोचना छोड़ विकास में योगदान दें तो बेहतर होगा’
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नगर निगम प्रशासक जोगपाल का शहर के आलोचकों को जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। शहर के विकास में सभी का सकारात्मक योगदान बहुत जरूरी है। निगम द्वारा शहर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। पिछले डेढ़ साल में पंचकूला की सुंदरता और विकास के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। यह कहना है निगम प्रशासक राजेश जोगपाल का। उन्होंने कहा कि पूर्व मेयर के एक बयान से बड़ी हैरानी हो रही है जिसमें वे कह रही हैं कि पंचकूला ओडीएफ केवल कागजों में ही हुआ है। पंचकूला के ओडीएफ की डिक्लेरेशन वर्ष 2017 में हो गई थी, जिसके लिये पूर्व मेयर ने 29 सितंबर 2017 डिक्लेरेशन फार्मेट भरकर दिया और हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें खुद माना है कि पंचकूला ओडीएफ हो चुका है। इसके अलावा निगम के पूर्व पार्षदों की ओर से सभी डिक्लेरेशन फार्मेट भरकर दिया गया। पूर्व मेयर के ऐसे ब्यान से नगर निगम के स्टाफ जिसमें सभी स्वच्छ सैनिक दिन रात पंचकूला को साफ सुथरा करने में जुटे हैं उनके मनोबल को ठेस पहुंची है।
जोगपाल ने बताया कि ओडीएफ और ओडीएफ प्लस के लिए नगर निगम के सभी सैनिटेशन विंग कर्मचारियों ने दिन रात बहुत मेहनत की है। इसके निरीक्षण के लिए केंद्रीय मंत्रालय की टीम औचक निरीक्षण पर आई थी। उन्होंने पूरे पंचकूला के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। जिसके बाद ही यह सार्टिफिकेट केंद्रीय मंत्रालय की ओर से नगर निगम पंचकूला को ओडीएफ प्लस का दिया गया है।
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राजेश जोगपाल ने बताया कि सितंबर 2017 में जब उन्हें नगर निगम कमिश्नर का काम सौंपा गया था उस समय निगम का कार्यकाल लगभग चार वर्ष का पूरा हो चुका था। ज्वाइनिंग के समय कोई भी विकास ना होने के चलते तत्कालीन मेयर और पार्षद धरने पर बैठे थे। उन्होंने खुद धरने के बीच में जाकर सभी प्रतिनिधियों को कहा था कि वह विकास करवाने के लिए आए हैं।
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राजेश जोगपाल ने पूर्व मेयर, पूर्व पार्षदों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, सामाजिक, धार्मिक संस्थानों के अलावा शहर के हर नागरिक से अपील की कि वह आलोचना करने के बजाय आगे आकर शहर के विकास में अपना सकारात्मक भूमिका निभाएं और योगदान दें।
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