फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने पंचकूला को किया खुले में शौचमुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने पंचकूला को किया खुले में शौच मुक्त
विज्ञापन


- अब स्वच्छता रैंकिंग सुधारने को लगा रहे जोर


अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला को केंद्र सरकार पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है। सरकार की ओर से पंचकूला निगम को ओडीएफ का सर्टिफिकेट भी दे दिया गया है। अब पंचकूला की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने के लिए निगम की टीमें ताकत झोंक रही हैं। इसी के अंतर्गत शुक्रवार को सेक्टर 20 पंचकूला आंगनबाड़ी में स्वच्छ मंच और निगम की ओर से लोगों को स्वच्छ पंचकूला के लिए जागरूक किया गया। निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल ने बताया कि पिछले वर्षों के दौरान पंचकूला स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई की निगरानी करने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। अब साफ-सफाई के कार्यों का आकलन वार्डों और शहरों की संख्या के आधार पर किया जा रहा है, जहां शौचालय बनाए गए हैं।
किसी शहर को ओडीएफ प्रमाण पत्र देने से पहले ओडीएफ के लिए तय प्रोटोकॉल का अनुपालन पूरी सख्ती के साथ किया जा रहा है। जोगपाल ने ईओ जरनैल सिंह को बधाई देते हुए कहा कि अब वह ओडीएफ प्लस और स्वच्छ रैंकिंग सुधारने में जुट जाएं। स्वच्छ मंच और निगम द्वारा शुक्रवार को लोगों को बताया गया कि इस बार लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है। वह अपने मोबाइल से अधिक से अधिक स्वच्छ पंचकूला के बारे में अपने विचार दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

अकाल ज्योति स्कूल पिंजौर, यादविंद्रा गार्डन पिंजौर, देवीनगर सेक्टर-तीन में जागरूकता अभियान चलाया गया और स्वच्छ मैप के बारे में जानकारी दी गई। स्वच्छ मंच के डॉ. प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में टीम द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लोग भी इन अभियानों में अपनी रुचि दिखा रहे हैं। लोगों ने संकल्प लिया है कि वह इस बार पंचकूला में टॉप 100 में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। स्वच्छ मंच की टीम ने बताया कि स्टार रेटिंग के लिए मंत्रालय द्वारा निर्धारित 12 मानकों के आधार पर शहरों का आकलन किया जाएगा। इसमें शहरों में नालियों और जल स्रोतों की साफ सफाई, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों के दौरान निकलने वाले कचरे के निपटान की बातें शामिल हैं। इन कार्यों की कड़ी समीक्षा के बाद ही किसी शहर को स्टार रेटिंग दी जाएगी। सर्वेक्षण के लिए डाटा संकलन का काम नीचे दर्शाए गए चार प्रमुख स्रोतों से किया जाएगा, जिनमें सेवा स्तर पर हुई प्रगति, प्रत्यक्ष निगरानी, लोगों से प्राप्त फीडबैक और प्रमाण शामिल है। सेवा स्तर पर हुई प्रगति की श्रेणी में एक नया घटक जोड़ा गया है, जिसे नीचे दिए गए चित्र के जरिए दर्शाया गया है। प्रमाणन (कचरा और खुले में शौच से मुक्त शहरों के लिए स्टार रेटिंग का प्रोटोकॉल) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शहरों को स्टार रेटिंग देने के लिए दो अलग-अलग मानक निर्धारित किए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें