सरकार की याचिका पर सीबीआई कोर्ट में आठ को सुनवाई
- राम रहीम की पेशी को लेकर पंचकूला डीसीपी ने दिया निर्देश
- अपने निर्धारित क्षेत्र में सतर्कता से गश्त करे पीसीआर और राइडर
- पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम की पेशी को लेकर पुलिस जागी
- कहीं पर संदिग्ध हालात दिखे तो उच्चाधिकारियों को दे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पेशी को लेकर सरकार की ओर से दायर याचिका पर पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट आठ जनवरी को सुनवाई करेगी। वहीं, दूसरी ओर 2017 की घटना के मद्देनजर डीसीपी कमलदीप गोयल ने शनिवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक अहम बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सेक्टर-14 थाने में बैठक के दौरान डीसीपी ने पीसीआर, राइडर पर तैनात सभी कर्मचारियों को शहर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की तलाशी और पल-पल की सूचना देने का आदेश दिया। इस दौरान पुलिस उपायुक्त ने 11 जनवरी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट में गुरमीत राम रहीम की पेशी के मद्देनजर शहर की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी जवान ने ड्यूटी में कोताही बरती तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो पेशी: डिस्ट्रिक अटार्नी
वहीं, डिस्ट्रिक अटार्नी ने सीबीआई कोर्ट में याचिका लगाकर गुहार लगाई है कि राम रहीम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही पेशी करवाई जाए। याचिका में यह भी हवाला दिया है कि यदि जेल से राम रहीम को पेशी के लिए पंचकूला लाया जाता है तो उसके अनुयायी फिर से इकट्ठा हो सकते हैं। जिस वजह से पंचकूला में दोबारा हालात बिगड़ सकते हैं। याचिका पर कोर्ट की ओर से सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने के लिए कहा है। 8 जनवरी को सीबीआई की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट याचिका पर फैसला सुनाएगी।
जरूरत पड़ी तो प्रदेश में सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा: डीजीपी
हरियाणा पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि राम रहीम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से करवाने के लिए डिस्ट्रिक अटार्नी ने याचिका दाखिल की है। राम रहीम को यदि पंचकूला में पेशी पर लाया जाता है तो हालात बिगड़ सकते हैं। लेकिन पुलिस की ओर से सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सुरक्षा बल तैनात करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रदेश में सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा। पुलिस कोशिश करेगी कि राम रहीम की पेशी हो तो प्रदेश में किसी तरह के हालात ना बिगड़े। गौरतलब है कि साध्वी यौन शोषण मामले में 17 अगस्त 2017 को अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए राम रहीम को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। इसके बाद राम रहीम के अनुयायियों का पंचकूला में जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। लगभग एक लाख लोग पंचकूला में पहुंच गए थे। इनमें कई उपद्रवी भी पंचकूला में घुस आए थे। इनके पास हथियार, पेट्रोल बम, पत्थर और डंडे थे। 25 अगस्त 2017 को जब राम रहीम को दोषी करार दिया गया तो उपद्रवियों ने जमकर तांडव मचाया था। इसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। साथ ही कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।