हत्या मामले में ट्रक यूनियन प्रधान के बेटे मोंटी को उम्रकैद
भगोड़े मोंटी ने किया था एक साल पहले आत्मसमर्पण
तीन लोगो को पहले ही हो चुकी है उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़। रोपड़-नंगल मार्ग के ट्रक यूनियन के प्रधान मग्घर सिंह के लक्कड़ के आरे के पास पांच साल पहले हुए हत्याकांड में जिला अदालत ने आरोपी ट्रक यूनियन के प्रधान के बेटे मोंटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मनिंदर सिंह उर्फ मोंटी मामले में पांच साल से भगोड़ा था। जबकि लगभग एक साल पहले 25 अक्टूबर 2017 मोंटी ने आत्मसमर्पण किया था। अदालत तीन अन्य दोषियों को पहले ही उम्रकैद सुना चुकी है। जिला एवं सेशन जज बलविंदर सिंह संधू ने इस हत्याकांड में दोषी करार दिए मनिंदर सिंह मोंटी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से 40 हजार रुपये मृतक के वारिसों को देने को कहा। 22 मई 2012 को नंगल मार्ग पर स्थित मग्गर सिंह के लक्कड़ के आरे पर हुए सतवंत सिंह सन्नी पुत्र गुरजंट सिंह निवासी नूहों कॉलोनी की हत्या हुई थी। मामले में हुसैनपुर वासी मनिंदर सिंह उर्फ मोंटी व अन्य के खिलाफ थाना सिटी में हत्या का केस दर्ज हुआ था। मामले में अमनदीप सिंह उर्फ कैंठा मुख्य आरोपी है। मृतक का परिवार मग्घर सिंह पर राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करके बेटे को पुलिस के चुंगल से बचाने का भी आरोप लगाता रहा। सन्नी को आरोपियों ने मग्घर सिंह के आरे पर धोखे से रोककर हत्या कर दी थी। इस दौरान उसकी जांघ में किए गए तेजधार हथियार के वार से मुख्य नस कट गई थी। लगातार खून बहने और समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि मोंटी गिरफ्त से बाहर था। हत्या में दोषी अंकुर को 13 नवंबर 2013 तथा अमनदीप सिंह कैंठा तथा जय सिंह को 20 जनवरी 2015 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
मृतक सतवंत सिंह सन्नी के पिता गुरजंट सिंह ने कहा कि उन्हें कानून पर यकीन था तथा अदालत ने उन्हें इंसाफ दिलाकर उनका यकीन और मजबूत किया है। उन्होंने सियासी नेतायों से कहा कि हत्या के मामले में इंसाफ के रास्ते में उन्हें नहीं आना चाहिए।