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कुदरती स्त्रोतों को बचाने से ही देश का भविष्य होगा उज्जवल: डा. जेएस माहल

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कुदरती संसाधन बचाना जरूरी: डॉ. माहल
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एसएवीपीएल के सहयोग से लगे कैंप किसानों को दी जानकारी
खेती करने के साथ-साथ सहायक धंधे अपनाने पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
फाजिल्का।। हवा, पानी और मिट्टी कुदरत के अमूल्य संसाधन हैं। इनकी संभाल करना हर मनुष्य की नैतिक जिम्मेदारी है। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण हमारी हवा प्रदूषित है, पानी और मिट्टी जहरीली हो रही है। इन कुदरती संसाधनों को बचाने से ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। यह बात डायरेक्टर पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना डॉ. जे. एस माहल ने शुक्रवार को गांव कटैहड़ा में मिट्टी की सेहत सुधार और खेती तत्वों बारे करवाए गए जागरूकता कैंप के दौरान किसानों को संबोधन करते कही।
पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से संपूर्ण एग्री वैंचरज प्राइवेट लिमिटेड (एसएवीपीएल) के सहयोग के साथ लगाए गए कैंप दौरान डॉ. माहल ने किसानों को जागरूक करते कहा कि हर किसान को मिट्टी की सेहत संभाल और लरूरी तत्वों बारे जानकारी होनी जरूरी है। उन्होंने किसानों को खेती करने के साथ-साथ सहायक धंधे अपनाने बारे भी जागरूक किया। इसके साथ-साथ उन्होंने धान की पराली को आग लगाने की बजाए इसको प्रयोग में लाने के उचित तरीकों बारे भी किसानों को जागरूक किया।
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डॉ. माहल ने किसानों से कहा कि वह अपने अनावश्यक खर्च कम करके अपनी आमदनी में विस्तार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के साथ जहां वातावरण की शुद्धता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, वहीं ज्यादा दुर्घटनाएं होने का खतरा भी बना रहता है। साथ ही जमीन के कीड़े मर जाते हैं जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। इस दौरान उन्होंने 20 बेरोजगार नौजवानों को पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना में अपने खर्च पर ट्रेनिंग दिलाने का भी विश्वास भी दिया। डिप्टी डायरेक्टर बागबानी जसपाल सिंह व डा. जगदीश अरोड़ा, डा. हरदयाल सिंह, डा. पीके अरोड़ा ने भी किसानों को खेती संबंधी जागरूक किया। कैंप के दौरान गांव नुकेरिया के किसान मुहब्बत और हरिपुरा के किसान की बेटी अमनदीप कौर को जिला स्तरीय खेल में शानदार प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया।
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