न मिली दवा, न हुए डोप टेस्ट
नशा मुक्ति केंद्र के मुलाजिमों की हड़ताल के कारण लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़। नशा मुक्ति केंद्र के मुलाजिम सोमवार को हड़ताल पर रहे। इससे नशा छोड़ने की दवा लेने वाले युवा और डोप टेस्ट कराने आए लोग परेशान रहे।
नशा मुक्ति केंद्र के मुलाजिमों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगे माने जाने की आवाज उठाई। मुलाजिमों ने कहा कि वह 2014 में भर्ती हुए थे। मुलाजिम जसप्रीत कौर ने कहा कि न तो पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने उनकी सुध ली ओर न ही कांग्रेस सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दे रही है। उनकी मांग है कि उन्हें सोसायटी से निकाल कर सीधा सेहत विभाग के अंतर्गत लाया जाए। पिछले चार सालों में न तो उनका वेतन बढ़ाया गया ओर न ही बीमा या कोई अन्य सुविधाएं दी गईं।
वहीं हड़ताल से सरकारी अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल चार मरीजों की कोई सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। डॉ. नितीन सेठी ने बताया वह हड़ताल के कारण कोई नया मरीज नहीं भर्ती कर रहे है।उन्होने माना कि हड़ताल के कारण काम प्रभावित हो रहा है और मरीजों को परेशानी हो रही है।
नशा छोड़ने की दवा लेने आए गुरमुख सिंह ने कहा कि हड़ताल के कारण उसे दवाई नहीं मिली। गांव खैराबाद से आए से आए युवक ने कहा कि अगर समय पर दवाई न मिली तो काफी दिक्कत होगी। मुहिंदर सिंह ने बताया कि वह कैश वैन में गनमैन का काम करता है और 1500 रुपये फीस जमा करवाकर वह डोप टेस्ट करवाने के लिए आया है। हड़ताल के कारण डोप टेस्ट नहीं किया गया। श्री आनंदपुर साहिब से आए गुरचेत सिंह और प्रेम लाल ने बताया यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुलाजिम इंतजार करने की बात ही कह रहे है। सेवा सिंह ने कहा कि डोप टेस्ट की तारीख निकल गई तो उन्हें एक हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।