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पंजाब में डीटीओ. दफ्तर बंद होने बाद लोगों की परेशानी बढ़ी

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पंजाब में डीटीओ दफ्तर बंद होने बाद लोगों की परेशानी बढ़ी
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सिंगल विंडों से नहीं मिल रही सुविधा, प्राइवेट एजेंटों को सौंपा काम
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। पंजाब में जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तर(डीटीओ) बंद होने बाद अभी तक वाहनों से संबंधित सहित अन्य काम सही तरह शुरू नहीं हो सके और लोग परेशान हो रहे हैं। मोगा, मुक्तसर व फरीदकोट तीन जिलों का क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) फरीदकोट में सिंगल विंडो सुविधा की जगह सारी कमान प्राइवेट एजेंटों के हाथ में है।
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यहां क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अफसर के अलावा सहायक क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अफसर भी तैनात होने के बावजूद पुख्ता प्रबंध न होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इन अधिकारियों ने इस दफ्तर का सारा काम प्राइवेट एजेंटों को सौंपा है और वह दफ्तर में ही बैठकर काम कर रहे हैं। लोगों को अपने वाहनों व अन्य काम के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दफ्तर में कार की रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण के लिए ढाई माह पहले फीस भरी गई। आरटीए तक पहुंच करने के बावजूद अब तक यह आरसी कभी प्राइवेट एजेंट और कभी क्लर्क के टेबल पर ही घूम रही है। क्लर्क ने देरी का जवाब देते हुए कहा कि हमारे साहिब की नई शादी हुई है और वह दफ्तर कम आते हैं। अपनी रिहायश पर ही दस्तावेजों की ऑनलाइन अप्रूवल का काम करते हैं, वैसे कई बार नेटवर्क की समस्या भी इसका कारण बन जाती है। भारी वाहन, व्यापारिक वाहन और भारी वाहनों के लिए नए ड्राइविंग लाइसेंस का काम फरीदकोट क्षेत्रीय दफ्तर होने के कारण मोगा और मुक्तसर निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां मोगा में भारी वाहन, व्यापारिक वाहन की संख्या तकरीबन 10 हजार, फरीदकोट जिले में तकरीबन 2 हजार व मुक्तसर में भी तकरीबन 2 हजार है। भारी और व्यापारिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन स्कूल बसों आदि के परमिट आदि फरीदकोट में सारा काम होने के कारण मोगा के ट्रांसपोर्ट कारोबारी सबसे अधिक परेशान हैं। फरीदकोट क्षेत्रीय दफ्तर में होती परेशानी की मजबूरी कारण प्राइवेट एजेंटों से काम कराने के लिए मजबूर हैं। मोगा ओर मुक्तसर जिले के लोगों को फरीदकोट आना जाना ही मुश्किल है। लंबी हलके के लोगों को तो फरीदकोट करीब 100 किलोमीटर की तरह पड़ता है। फिलहाल इस सब में लोगों को हो रही परेशानी का अभी तक कोई हल निकलता दिखाई नही दे रहा। सरकार के कमाऊ पुत्र के रूप में जाने जाते ट्रांसपोर्ट विभाग को राज्य में तबदीली के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीटीओ दफ्तर बंद कर यह काम सब डिवीजन स्तर पर एसडीएम को सौंपने का फैसला लोगों को रास नहीं आ रहा हैं। इन दफ्तरों से मिलने वाली सेवाओं को लेने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट अफसर से बात करनी चाही लेकिन उन्होंने फोन रसीव नहीं किया।
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फोटो कैप्शन - कार की आरसी नवीकरण के लिए ढाई महीने पहले जमा हुई फीस की रसीद
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