नंगल में सड़कों पर लावारिस पशुओं से लोग परेशान
पार्षद ने गोशाला को प्रति माह 50 हजार रुपये देने पर उठाए सवाल
पड़ोसी राज्य हिमाचल के लोगों पर अंधेरे में पशुओं को छोड़कर जाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल। नंगल में लावारिस सांड व गायों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिससे लोगों रोष है। नंगल शहर की खूबसूरती को इन लावारिस पशुओं ने धब्बा लगा दिया है। लेकिन नंगल नगर काउंसिल से लेकर जिला प्रशासन कुछ कदम नहीं उठा रहा। जानकारी के अनुसार नंगल नगर काउंसिल की ओर से गोशाला को प्रति माह 50 हजार रुपये पशुओं के रख रखाव व चारे के लिए दिए जाते हैं। इसके बावजूद लावारिस पशु सड़कों पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। आज हालात ये हैं कि करीब 200 सांड, जिन्हें पकड़कर गोशाला में बंद किया गया था, वह भी आजाद घूम रहे हैं।
इस मुद्दे पर महिला पार्षद शिवानी जसवाल ने नंगल नगर काउंसिल पर सवाल उठाए कि गोशाला को काउंसिल की ओर से दिए जा रहे 50 हजार रुपयों का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि इन गायों की देखभाल के लिए नगर काउंसिल फंड दे और इसे बढ़ाए, इसका वह खुले दिल से समर्थन करेंगी। लेकिन लावारिस पशु सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। अन्यथा काउंसिल में गोशाला को दिए जाने वाले पैसे को बंद करने के लिए मामला उठाया जाएगा।
प्रयास जारी हैं : अशोक
जब इस बारे में नंगल नगर काउंसिल के चेयरमैन अशोक पुरी से जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कई बार लावारिस पशुओं को पकड़ने की मुहिम काउंसिल की ओर से चलाई गई। लेकिन हिमाचल के लोग अंधेरे का लाभ उठा कर अपने पशुओं को यहां छोड़ जाते हैं। इस कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन फिर भी प्रयास जारी हैं कि लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में डालें। लगभग 200 गायों को पकड़कर दौनाल गांव में स्थित गोशाला में छोड़ा भी जा चुका है।