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दस दिनों बाद नहरों में पानी आने से किसानों के चेहरे खिले

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दस दिन बाद नहरों में पानी आने से के चेहरे खिले
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चार दिनों से नहीं हो रही थी पेयजल की आपूर्ति
ठप पेयजल आपूर्ति भी शुरू होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। तीन जुलाई की रात को आई तेज बरसात और आंधी के कारण टूटी मलूकपुरा माइनर में लगातार दस दिन के बाद शनिवार को पानी छोड़ा गया। नहरों में पानी आते ही एक ओर जहां किसानों में भारी खुशी पाई गई, वहीं ठप पेयजल आपूर्ति भी शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है।
भारी बरसात और तेज आंधी के कारण गत मंगलवार को बल्लूआना हलके के गांव रायपुरा और चकड़ा के पास मलूकपुरा माइनर में भारी कटाव आ गया था। जिससे करीब 6 किमी लंबे क्षेत्र में हजारों एकड़ धान, नरमा और हरे चारे की फसलें तबाह हो गईं। नहर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पानी का बहाव रुकवाकर मरम्मत शुरू कराई। नहर का किनारा काफी दूर तक टूटा होने के कारण मरम्मत के कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा और परिणामस्वरूप भयंकर गर्मी के दौरान 10 दिन तक नहर बंद रही। इस दौरान एक ओर जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला। वहीं पिछले चार दिन से विभाग ने पेयजल की आपूर्ति भी ठप कर दी। करीब एक सप्ताह तक चले मरम्मत कार्य के बाद शनिवार अल सुबह मलूकपुरा नहर में पानी छोड़ दिया गया, जो बाद दोपहर अबोहर के आसपास नहरों में पहुंच गया। देर शाम तक यह पानी नहरों के आखिरी टेल तक पहुंचने की संभावना है।
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गौरतलब है कि सिंचाई पानी न मिलने के के कारण किसानों की फसलें और बागवानों के बाग सूख रहे थे। पिछले दिनों पड़ी भयंकर गर्मी के बाद फसलों में पानी की मांग और बढ़ गई। वहीं पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया, लेकिन अबोहर के आसपास अभी तक सूखे जैसे हालत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में किसानों और बागवानों को नहरी पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। इधर ग्रामीण जलदाय विभाग की एसडीई आशिमा ने बताया कि शीघ्र ही सूखे पड़े वाटर टैंकों को भरकर पानी फिल्टर करने के बाद जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

इस समाचार की फोटो एबीआर 2 भेजी जा रही है।
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