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मांगों के समर्थन में आशा वर्करों ने किया कामकाज ठप्प

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आशा वर्करों ने ठप किया कामकाज
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सरकारी कार्यक्रमों के बायकाट करने का एलान किया
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
वेतन बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर ऑल इंडिया आशा वर्कर एवं आशा फेसिलेटर यूनियन एटक के आह्वान पर सभी आशा वर्करों ने शुक्रवार को कामकाज ठप रखा है। इतना ही नहीं अगले दो दिनों में शुरू होने जा रहे सरकारी अभियान मीजल रुबेला जैसे कार्यक्रमों का भी पूरी तरह से बायकाट करने का एलान किया। आशा वर्करों ने अबोहर प्रधान नीलम रानी व सीतो प्रधान राजिंद्र कौर के नेतृत्व में सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. कर्ण सागर को ज्ञापन सौंपा।
नीलम रानी ने बताया कि एनएचएम अथार्टी की ओर से जारी किए गए पत्र में आशा वर्करों को विभिन्न प्रकार के नए कार्य सौंप कर नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। वेतन के नाम पर सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही। बेहद ही कम वेतन में उन्हें परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान व हरियाणा की तर्ज पर 4000 प्रतिमाह का वेतन की मांग की जा रही है। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि इन्हीं मांगों के समर्थन में सूबे भर में 37000 आशा वर्करें कार्यों का बायकाट करेंगी।
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इसके तहत 30 अप्रैल को जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, कैंपों, सर्वे और 2 मई से चलाए जाने वाले मीजल रूबेला अभियान व अन्य गतिविधियों का बायकाट किया जाएगा। इतना ही नहीं इस फैसले के खिलाफ किसी भी आशा वर्कर ने सरकारी कार्यों में हिस्सा लिया तो उसे 1000 रुपये जुर्माना किया जाएगा। इस मौके पर अंजू रानी, सुनीता रानी, सुमन रानी, पूनम रानी, दयारानी, प्रियंका, गगनदीप कौर, बबलजीत, आरती, रचना, पूजा, ज्योति मौजूद थीं।
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