ट्रेन की जनरल बोगियों में सीट को लेकर यात्रियों के बीच मारपीट की घटना सुनने को मिलती है, लेकिन यहां स्लीपर कोच को लेकर मारपीट हो गई। वीरवार को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म चार पर देखने को मिली। स्टेशन पर सीट के लिए उलझ रहे यात्रियों को रोकने के लिए मौके पर एक भी जीआरपी का मुलाजिम मौजूद नहीं था।
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक महिला को युवक ने बोगी में घुसने नहीं दिया। इसके बाद महिला के साथ मौजूद व्यक्ति कोच का रास्ता रोके व्यक्तियों के साथ उलझ पड़ा और देखते ही देखते दोनों यात्रियों के बीच लात घूंसे शुरू हो गए। काफी देर बाद प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों ने जब बीच बचाव किया, उसके बाद मामला शांत हुआ।
सैकड़ों यात्री गर्मी से थे बेहाल
बुधवार रात 11:15 बजे से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों ने वीरवार की सुबह सात बजे राहत की सांस ली, जब उन्हें चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन आती दिखाई दी। यात्रियों ने कहा शुक्र है, ट्रेन तो चंडीगढ़ स्टेशन पहुंच गई। दिन में करीब 12 बजे प्लेटफार्म पर वासिंग लाइन से ट्रेन को लाया गया।
यात्री कोच में बैठने लगे, करीब एक घंटे के इंतजार के बाद जब ट्रेन खुली तो गर्मी से बेहाल यात्री और ज्यादा परेशान होने लगे, क्योंकि इस बीच एक घंटे जब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर थी, तब तक बोगियों में लगे पंखे बंद थे। ट्रेन जब स्टेशन से खुली तो करीब पचास फीसदी बोगियों में लगे आधे पंखे चलते नहीं थे।
कोई शादी में लेट पहुंचेगा तो कोई अपनी बीमार मां को देखने समय पर नहीं पहुंच पाया
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में जाने वाले कई ऐसे यात्री प्लेटफार्म पर मिले जिन्हें 26 और 27 अप्रैल को शादी अटेंड करनी थी। वहीं एक यात्री अपनी बीमार मां को देखने के लिए चंडीगढ़ से यूपी जा रहा था। ट्रेन के निर्धारित समय से लेट होने के कारण लोग शादी समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।