मंडी में नहीं है जगह, सड़क पर गेहूं के ढेर
एशिया की सबसे बड़ी खन्ना मंडी में लिफ्टिंग की व्यवस्था चरमराई
रोजाना करीब एक लाख क्विंटल फसल आ रही: मार्केट कमेटी सचिव
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना।
एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में जब लिफ्टिंग की व्यवस्था चरमरा गई है। पूरी मंडी में गेहूं की बोरियों व ढेरियों के अंबार लगे हैैं। मंडी में जगह ने होने से किसानों को मजबूरी में सड़क किनारे गेहूं उतारना पड़ा रहा है। मंडी के बाहर सड़कों पर गेहूं से लदे वाहनों पर किसान खरीद का इंतजार कर रहे है।
किसान गोपाल सिंह, कुलविंदर सिंह, जोगा सिंह, भजन सिंह, शमशेर सिंह ,वचन सिंह, हरपाल सिंह , चरणजीत सिंह व मलकीत सिंह ने का कहना है एक तरफ तो सरकार कहती है कि फसल मंडी में सुखाकर लाएं. वहीं दूसरी ओर जब किसान फसल सुखाकर मंडी में लाता है तो उसे मंडी में जगह नही मिलती है। लिफ्टिंग न होने के कारण मंडी भरी पड़ी है। हमें अपनी फसल रखने का इंतजार कर रहे है। मंडी में फसल की ट्रालियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। मंडी में जगह न मिलने पर गेहूं सड़क किनारे ढेर करना पड़ रहा है। इस दौरान मौसम खराब हो गया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मार्केट कमेटी की होगी।
वहीं दुकानों के बाहर फसल की बोरियां जमा होने के कारण सभी आढ़ती भी परेशान हैं।
मार्केट कमेटी से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार तक खन्ना मंडी में 33377 टन गेहूं की लिफ्टिंग नहीं हुई। पनग्रेन ने 9924 टन, एफसीआई ने 4981 टन, मार्कफेड ने 14707 टन, पनसप ने 3243 टन, वेयर हाउस ने 6654 टन, पंजाब एग्रो ने 3051 टन व व्यापारियों ने 543 टन गेहं की खरीद की। नमी के कारण 157 टन गेहूं की खरीद नही हो सकी। इस संबंध में जब मार्केट कमेटी के सचिव दलविंदर सिंह ने बताया की लेबर की कमी होने के कारण गेहूं की लिफ्टिंग नही हो रही है। उन्होंनें बताया की मौसम साफ होने के कारण मंडी में रोजाना करी एक लाख क्विंटल गेहूं आ रहा है। समस्या का निपटारा जल्द कर लिया जाएगा।