नीले कार्ड बंद करने से लोगों में कैप्टन सरकार के खिलाफ रोष
अकाली दल और भाजपा नेताओं ने की कड़ी आलोचना
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिले के कई गांवों के सैकड़ों गरीब दलित लोगों को सस्ता गेहूं देने वाले नीले कार्ड बंद कर दिए गए हैं। इससे गरीब दलित नीले कार्ड धारकों में कैप्टन सरकार के खिलाफ रोष पाया जा रहा है।
बीती अकाली-भाजपा सरकार ने गरीब दलित लोगों का सर्वे करवाकर उनको सस्ता गेहूं देने के लिए नीले कार्ड जारी किए हुए थे, जिस पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की फोटो है। इस पर नीले कार्डधारक के प्रति सदस्य पर 60 किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलता था। कैप्टन सरकार को बने एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन नीले कार्डधारक गरीब दलित लोगों को अब तक सस्ता गेहूं नहीं मिला। इसके विपरीत जिले के कई गांवों के सैकड़ों लोगों के नीले कार्ड बंद कर दिए गए।
नीले कार्ड धारकों करनैल सिंह, सुखदेव सिंह, जसपाल सिंह, दीवान चंद और मदन लाल आदि का कहना है कि कैप्टन सरकार ने सस्ते गेहूं के साथ किए वादे मुताबिक घी, चाय पत्ती और चीनी तो क्या देनी थी, बादल सरकार के समय मिलता सस्ता गेहूं भी नहीं दिया। इसके विपरीत जरूरतमंद गरीब लोगों के नीले कार्ड बंद किए जा रहे हैं। अकाली दल के जिला प्रधान कुलवंत सिंह, भाजपा के सीनियर नेता ललित महाजन ने कैप्टन सरकार की कड़ी आलोचना करते कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार की ओर से चलाई गई लोक भलाई स्कीमों को कैप्टन सरकार एक-एक कर बंद कर रही है।