कटासराज धाम यात्रा पर संकट के बादल
कश्मीर वादी में नियंत्रण रेखा पर निरंतर बढ़ते तनाव से उपजे हालात
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
कश्मीर वादी में नियंत्रण रेखा पर लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के जिला चकवाल स्थित ऐतिहासिक श्री कटासराज धाम की यात्रा के प्रति पाक दूतावास की खामोशी से इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर अमरकुंड में स्नान के बारे में अनिश्चितता पैदा हो गई है।
श्री रामायण प्रचारणी सभा के महासचिव व श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा पंजाब के सदस्य राकेश नागपाल ने बताया कि अब अमरकुंड में 20 फुट की बजाय 10 फुट पानी होने की सूचनाएं मिल रही हैं। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली श्री कटासराजधाम यात्रा का संयोजन करने वाली संस्थाओं के मध्य भी विवाद उभर रहे हैं। इससे 11 फरवरी को शुरू होने वाली श्री कटासराज धाम यात्रा पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री श्र्सुषमा स्वराज को भेजे पत्र के जवाब में उनके मंत्रालय के पाकिस्तान प्रकोष्ठ ने 17 नवंबर को उत्तर दिया था कि 2015 में हुए निर्णय के अनुसार श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा पहाड़गंज दिल्ली व केंद्रीय सनातन धर्म सभा बारी-बारी यात्रा का संयोजन करेंगी। पहाड़गंज सभा के अधिकारियों को अभी तक भारतीय यात्रियों के पासपोर्ट जमा कराने के लिए नहीं कहा गया और दूसरी संस्था से जुडे़ लोगों का दावा है कि उन्होंने पासपोर्ट जमा करा दिए हैं। इस बार यात्रा का नेतृत्व करने की बारी प्रतिनिधि सभा की थी। नागपाल ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विदेश मंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
‘अमरकुंड में पानी भरवाएं सीमेंट फैक्ट्रियां’
महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि श्री कटासराज धाम स्थित अमरकुंड सूख जाने का संज्ञान लेने वाले पाकिस्तान सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की देखभाल करने वाली संस्था औकाफ बोर्ड के अध्यक्ष पद से सिद्दीकउल फारूख को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर धार्मिक मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव सेवा निवृत्त कैप्टन मोहम्मद आफताब को अस्थाई तौर पर मात्र 3 माह के लिए कार्यभार सौंपा गया है। जिला चकवाल के एक पत्रकार अमरकुंड सूख जाने का मामला प्रमुखता से मामला उठाये जाने के बाद पाक सर्वोच्चे न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मियां सकीब निसार ने इस पर संज्ञान लिया था। गत वर्ष दिसंबर में शुरू की गई सुनवाई के दौरान जब यह बात सामने आई कि श्री कटासराज के आस पास स्थापित सीमेंट फैक्ट्रियों की ओर से भूमिगत पानी बोरवेल के माध्यम से खींचने के कारण ऐतिहासिक अमरकुंड के सूखने की नौबत आई है। इस पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सीमेंट फैक्ट्री के विस्तार की अनुमति देने पर सरकार को आडे़ हाथों लेते हुए फैक्ट्री मालिकों को अमरकुंड में पानी भरवाने के निर्देश दिए थे। इस बार दोनों देशों के बीच बने तनाव के चलते कटासराज यात्रा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।