फोटो दीपक अरोड़ा
तुम्हे दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, कभी दिल किसी से लगाकर तो देखो..
-पंजाब कला भवन में अली ब्रदर्स की सजी सुरों की महफिल ने सबको अपना दीवाना बनाया
-पंजाब कला परिषद की प्रोग्राम डायरेक्टर के पद पर ज्वाइन करने वाली सुक्खी बराड़ द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, कभी दिल किसी से लगा कर तो देखो.. तुम्हारे ख्यालों की दुनिया यही है, जरा मेरी बाहों में आकर तो देखो.. अली ब्रदर्स के इस गीत के गूंजते ही पंजाब कला भवन में बैठी ऑडियंस एकदम से रोमांचित हो गई। सुरों की इस तिकड़ी ने यहां हरेक श्रोता को अपना दीवाना बना डाला।
पंजाब कला भवन में आयोजित यह कार्यक्रम पंजाब कला परिषद की प्रोग्राम डायरेक्टर के पद पर ज्वाइन करने वाली सुक्खी बराड़ द्वारा आयोजित किया गया। अली ब्रदर्स ने नुसरत फतेह अली खान का गीत सोचता हूं कि वो कितने मासूम थे, क्या से क्या हो गए देखते देखते सुनाया तो आडियंस मस्त हो गई। तीनों भाइयों ने एक से बढ़कर गीत सुनाकर समा बांध दिया। इसके अलावा अफसाना बादल ने मिट्टी दा मैं बावा बनाया...गीत गाया। इसके बाद अफसाना बादल ने रांझा और जुगनी गाकर माहौल में प्रेम रस का संचार कर दिया।
इस मौके पर पंजाब की सूफी संगीत में अपनी धमक दिखाने वाली जोड़ी अली ब्रदर्स के साथ ही रूबी खान, अफसाना बादल, हरिंदर संधू और हरमिलाप गिल जैसे प्रसिद्ध आर्टिस्ट मौजूद रहे। इसके अलावा प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर सुक्खी बराड़, एक्ट्रेस पूनम सूद, पूर्व मेयर पूनम शर्मा और अन्य सदस्यों ने शिरकत की। इस मौके पर सुक्खी बराड़ ने कहा कि उनको जो जिम्मेदारी सौंपी गई है वह उसको पूरी तरह से निभाने का प्रयास करेंगी। उन्हें सभी गण्यमान्य लोगों ने बधाई भी दी।