पीजीआई के एमआरटी कर्मचारियों को दो महीने से सैलरी नहीं
-डायरेक्टर ऑफिस के बाहर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की दी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई में कांट्रेक्ट पर तैनात मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन (एमआरटी) को पिछले दो महीने से सैलरी नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को कई कर्मचारी इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर डायरेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन भी किया। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम से मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि वे अपने काम में कोई कोताही नहीं बरत रहे, लेकिन उन्हें समय पर सैलरी नहीं मिल रही है। इससे उनके परिवार में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
पीजीआई कांट्रेक्ट कर्मचारी यूनियन के प्रधान संजीव व जनरल सेक्रेटरी देवराज ने आरोप लगाया कि जब वे पीजीआई प्रशासन के पास अपनी मांग को लेकर गए तो उन्होंने अंडरटेकिंग फार्म पर एक हस्ताक्षर करने की बात कही। उनके मुताबिक पीजीआई प्रशासन ने उनके सामने एक शर्त रखी कि यदि वे अंडरटेकिंग फार्म पर हस्ताक्षर करते हैं तो उन्हें सैलरी मिल जाएगी, लेकिन यूनियन व कर्मचारियों ने फार्म पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि एमआरटी के कर्मचारी जिस कंपनी के साथ जुड़े थे उस कंपनी और पीजीआई का करार खत्म हो चुका है। लेकिन कर्मचारी अब भी पीजीआई में काम कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि भले ही कंपनी चली गई हो, लेकिन कर्मचारियों ने काम में कोई कोताही नहीं बरती। कर्मचारी समय पर आते रहे और अपना काम भी बखूबी से किया। यूनियन का कहना है कि यदि पीजीआई प्रशासन ने सैलरी नहीं दी तो वे अपना आंदोलन तेज कर देंगे।