जीएसटी में हेरफेर, मेट्रो शूज पर पहली एफआईआर दर्ज
पुलिस ने आईपीसी की धारा-188 के तहत दर्ज की एफआईआर
डीसी की ओर से जीएसटी को लेकर जारी की गई धारा-144 के उल्लंघन पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-17 पुलिस थाना ने एसडीएम सेंट्रल की रिपोर्ट पर जीएसटी में हेरफेर के चलते मेट्रो शूज के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि एसडीएम सेंट्रल ने सेक्टर-17 स्थित मेट्रो शूज लिमिटेड के खिलाफ पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आर्डर जारी किए थे। जीएसटी में हेरफेर के चलते और धारा-144 के उल्लंघन पर पुलिस ने मेट्रो शूज पर आईपीसी की धारा-188 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जीएसटी रेट्स में हो रहे हेरफेर को रोकने के लिए डीसी अजित बालाजी जोशी ने धारा-144 के आर्डर जारी किए थे। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से चीजों और सामान पर तय रेट से अधिक जीएसटी वसूल किया जा रहा था।
कस्टमर के साथ जीएसटी रेट में हेरफेर करने को लेकर एसडीएम सेंट्रल की कोर्ट में पहला मामला सामने आया था। यह शिकायत एडवोकेट अजय जग्गा ने सेक्टर-17 मेट्रो शूज लिमिटेड के खिलाफ की थी। इसमें एडवोकेट जग्गा ने बताया था कि मेट्रो शूज लिमिटेड ने शूज पॉलिश पर तय रेट से अधिक जीएसटी वसूला है। इस पर एसडीएम सेंट्रल कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए इस मामले में सेक्टर-17 पुलिस थाना एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है।
एडवोकेट जग्गा ने एसडीएम को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने मेट्रो शूज से 20 दिसंबर को पोेलिश खरीदी। इसकी एमआरपी 99 रुपये थी। इस पर पहले से ही सीजीएसटी व यूटीजीएसटी 9 प्रतिशत शामिल था। जग्गा ने बताया कि 10 नवंबर 2017 को गुवाहाटी में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग हुई थी। इसमें जीएसटी काउंसिल ने करीब 175 आइटम पर रेट घटाने को कहा था। इन आइटम में कई ऐसी चीजें शामिल थी, जिन पर 28 से 18 प्रतिशत रेट कर दिया गया है। इसके बावजूद मार्केट में ये सामान 28 प्रतिशत रेट पर ही मिल रहे हैं।