अभद्रता का आरोप लगा जज के खिलाफ वकीलों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत में वीरवार को जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी कोर्ट रूम के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि एक सिविल जज ने वकील से अभद्रता की है। सभी वकीलों ने विरोध स्वरूप सिविल जज की अदालत का एक दिन का बहिष्कार कर दिया। दोपहर में सेशन जज से मुलाकात कर समझौते के बाद बार एसोसिएशन ने शुक्रवार से बहिष्कार समाप्त कर दिया।
जिला बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रविंदर सिंह जौली के अनुसार वकील रमेश कुमार बुधवार को एक महिला सिविल जज की अदालत में केस के सिलसिले में गए थे। आरोप के अनुसार वहां सिविल जज ने उनसे अभद्रता कर दी और उन्हें कोर्ट रूम से बाहर जाने को कह दिया। इसके बाद उक्त वकील ने बार एसोसिएशन में इसकी शिकायत दी।
वीरवार को जिला बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जौली उक्त मुद्दे पर सिविल जज से मुलाकात करने गए। आरोप के अनुसार वहां उनसे भी सिविल जज ने सख्त लहजे में बात की। इस पर जिला बार एसोसिएशन के कई वकील सिविल जज की कोर्ट के बाहर जमा हो गए और उनकी कोर्ट का पूरे दिन का बहिष्कार कर दिया। वकीलों ने किसी भी अन्य वकील को कोर्ट में पेशी पर भी नहीं जाने दिया।
दोपहर में बार एसोसिएशन ने सेशन जज से इस मामले में मुलाकात की और उनके समक्ष रोष जताया। इस पर सेशन जज और अन्य जजों ने इस मसले पर वकीलों से बातचीत के बाद मामले को शांत कराया। लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बार प्रेसिडेंट जौली के अनुसार सेशन जज के मामले में हस्तक्षेप और दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया है। इसके बाद सभी वकीलों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। साथ ही सिविल जज की कोर्ट के बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया है। शुक्रवार से वकील सिविल जज की अदालत में केस की पैरवी के लिए जाएंगे।
-कोर्ट रूम के बाहर दिया धरना, नारेबाजी की
- दो बजे तक किया कोर्ट का बहिष्कार
- सेशन जज से बातचीत के माने वकील