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मोगा में कांग्रेस विधायक ट्रक यूनियन पर टेड़े ढंग से काबज

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मोगा में कांग्रेस विधायक ट्रक यूनियन पर काबिज
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कैप्टन सरकार राज्य में भंग कर चुकी है ट्रक यूनियन
यूनियन में धार्मिक समागम में 5 सदस्यीय नई कमेटी का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधान सभा में ट्रक यूनियनें भंग करने के एलान का नेताओं पर कोई असर नहीं हो रहा है। यहां के सीनियर कांग्रेस नेता जगरूप सिंह तखतूपुरा के नेतृत्व में चल रही ट्रक ऑपरेटर यूनियन पर कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल काबिज होने में सफल हो गए हैं। ट्रक यूनियन में आयोजित धार्मिक समागम में विधायक खुद नहीं पहुंचे लेकिन उनके निजी सहायक (पीए) के अलावा सिटी कांग्रेस प्रधान विनोद बांसल व अन्य कांग्रेस नेताओं ने शिरकत की।
इस मौके शहरी कांग्रेस प्रधान विनोद बांसल ने अपने और कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल के निजी सहायक (पीए) जगसीर सिंह सीरा चक्कर समेत नई 5 सदस्य कमेटी का एलान किया। अकाली पृष्ठभूमि वाले कांग्रेस नेता एवं इस नई कमेटी के मेंबर देविंदर सिंह रणिया ने कहा कि उन्होंने नई ट्रक ऑपरेटर सोसायटी बना कर तकरीबन साल पहले रजिस्टर्ड करवाई है। उन्होंने दावा किया कि इस सोसायटी से तकरीबन 700 ऑपरेटर जुड़े हैं। कांग्रेस नेता एवं नई कमेटी मेंबर एडवोकेट रवि ग्रेवाल ने पुरानी कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि यह कमेटी ट्रक ऑपरेटरों की भलाई के लिए काम करेगी। इस कमेटी में कांग्रेस नेता राकेश किटा अजीतवाल और राजू लंढेके को मेंबर बनाया गया है।
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वहीं कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल ने कहा कि उन्हें ट्रक यूनियन के समागम में शामिल होना था। विधानसभा कमेटी की जरूरी मीटिंग होने के कारण उन्हें चंडीगढ़ जाना पड़ गया। उन्होंने कहा कि ट्रक यूनियनों तो भंग हो चुकी हैं और ऑपरेटरों की ओर से 5 सदस्य कमेटी बनाई गई है। ट्रक यूनियन पर लंबे समय से काबिज कांग्रेस नेता जगरूप तखतूपुरा से संपर्क नहीं हो सका और उनकेे नेतृत्व तले कमेटी मेंबर और पुराने ट्रक ऑपरेटर महेंदर सिंह गुल्लू ने बताया विधायक डॉ. हरजोत कमल की इस नई समिति के किसी मेंबर के पास कोई ट्रक नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रक यूनियनों तो भंग हो चुकी हैं और पुराना टेंडर फिलहाल उनके पास है और नए टेंडर होने हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से ट्रक यूनियन को भंग करने के एलान का पूरे पंजाब में ऑपरेटरों ने धरने लगा कर विरोध किया था। राज्य में तकरीबन 134 ट्रक यूनियनें काम कर रही हैं, जिन में 5 लाख ट्रक ऑपरेटर ट्रकों से होने वाली आमदनी से अपने परिवारों का पेट पाल रहे हैं।
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