गुरु नानक कॉलेज में हंगामा, प्रिंसिपल व स्टाफ को बनाया बंदी
पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के तहत दो माह से दाखिले रोकने पर भड़कीं छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
गुरु नानक कॉलेज में वीरवार को छात्राओं ने प्रिंसिपल व अन्य स्टाफ को दफ्तर में बंदी बनाकर बाहर से चिटकनी लगा दी। उन्होंने पंजाब स्टूडेंट यूनियन के नेतृत्व में दलित छात्राओं की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत दो माह से दाखिले रोकने का आरोप लगाया। डीएसपी सिटी गोबिंदर सिंह ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया।
पीएसयू प्रदेश नेता करमजीत कोटकपूरा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि पीएसयू नेता मोहण सिंह औलख, संदीप सिंह, जगवीर कौर और सुखविंदर कौर को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद मामला गर्माता देखकर पुलिस ने सभी नेता रिहा कर दिए और शुक्रवार बातचीत के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक कॉलेज की ओर से दलित विद्यार्थियों से धक्केशाही बर्दाश्त नहीं होगी।जिला प्रशासन की हिदायतों के बावजूद प्रिंसिपल ने दलित छात्राओं का दाखिला नहीं किया। मौके पर कॉलेज प्रबंधकों और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के तहत दलित विद्यार्थियों की फीस की पूर्ति सरकार ने करनी है, लेकिन प्रिंसिपल ने बेखौफ होकर दो साल फीसें ली। सरकार को स्कॉलरशिप भेजने के लिए भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि दलित छात्राओं ने बीते साल अपने खाते के पोस्ट डेट चेक भी प्रिंसिपल को सौंप दिए थे, जिनकी फीस हजार रुपये बनती है। वहीं उनसे इस साल की पूरी 25 हजार रुपये फीस मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दलित छात्रा फीस भरने से असमर्थ है और प्रिंसिपल ने उनके दाखिले रोक लिए हैं। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को विद्यार्थी मांगों के लिए मोती महल पटियाला का सूबा स्तरीय घेराव भी किया जा रहा है। प्रिंसिपल डॉ. जतिंदर कौर ने दलित विद्यार्थियों से किसी भी धक्केशाही से इंकार करते कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की जजमेंट मुताबिक फीसें वसूली जा रही हैं। उन्होंने कुछ लोगों पर कॉलेज का माहौल खराब करने का आरोप भी लगाया।
फोटो कैप्शन - मोगा के गुरु नानक कॉलेज में दफ्तर में बंदी प्रिंसिपल एवं स्टाफ और छात्राओं से बातचीत करते डीएसपी सिटी गोबिंदर सिंह