फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, 47 हजार जुर्माना पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में पंचकूला की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 15 साल कारावास और 47 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए।
सरकारी वकील सुखविंदर कौर के अनुसार, आरोपी को अलग-अलग धाराओं में सजा दी गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ पंजाब ले जाकर करीब 22 दिनों तक एक कमरे में रखा। इसके बाद उसे मोरनी ले जाकर मारपीट की और जान से मारने का प्रयास किया।
पीड़िता किसी तरह वहां से भाग निकली और मोरनी रोड पर बेहोशी की हालत में मिली। एक ऑटो चालक ने उसे सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। इलाज के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान घटनास्थलों की वीडियोग्राफी करवाई गई और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए गए। मोरनी में वारदात स्थल से खून से सना पत्थर और टूटी चूड़ियां भी बरामद की गईं। इस मामले में करीब छह वर्षों के दौरान दर्जनभर से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पीड़िता के परिजन भी शामिल हैं।