पंचकूला। करीब 1.50 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर और हरदोई से दो बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान ऋषभ वैश्य और अनुपम कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों ने साइबर ठगों के साथ मिलकर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और ठगी की रकम को विभिन्न खातों के जरिए ट्रांसफर कराने में अहम भूमिका निभाई। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच के अनुसार, पंचकूला निवासी एक व्यक्ति को नवंबर 2023 में टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया। आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाकर शुरुआती मुनाफा दिखाया और बाद में निवेश व टैक्स क्लियरेंस के नाम पर अलग-अलग किस्तों में करीब 1.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के आधार पर 10 अक्टूबर 2024 को साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से बैंक दस्तावेज, ठगी की रकम और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
दोनों ने मिलकर खाता खुलवाया था
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान करीब 20 लाख रुपये की राशि हरदोई निवासी संदीप कुमार सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। संदीप को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसके दोस्त ऋषभ वैश्य और अनुपम सिंह ने मिलकर यह बैंक खाता खुलवाया था और साइबर फ्रॉड की रकम इसमें डलवाई गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।