फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसा में छात्र की मौत पर बवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
मानसा में छात्र की मौत पर बवाल
विज्ञापन

परिजनों का आरोप, स्कूल में आयरन की ज्यादा गोलियां खिलाने से गई जान
एक हफ्ते से बीमार था कर्ण, अध्यापक पर मामला दर्ज करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
सरकारी एलीमेंट्री स्कूल उड्डत भगत राम के आठवीं कक्षा के छात्र ने इलाज के दौरान वीरवार सुबह दम तोड़ दिया। वह बीती 5 जुलाई से बीमार चल रहा था। परिवार व मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया है कि कर्ण प्रसाद (14) को 5 जुलाई को स्कूल में आयरन की ेगोलियां अधिक मात्रा में खिलाई गई थीं, जिससे उसकी मौत हो गई।
उसे बीमार होने के बाद शहर निजी अस्पतालों में दाखिल करवाया गया। इसके बाद विद्यार्थी को आदेश अस्पताल भुच्चो मंडी भेजा गया, जहां वीरवार की सुबह तीन बजे उसकी मौत हो गई। वीरवार देर सांय तक परिवार और मजदूर संगठन अध्यापक पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन

5 जुलाई को गांव उड्डत भगत राम के सरकारी एलीमेंट्री स्कूल में बच्चों को आयरन की गोलियां बांटी गईं। इसके बाद आठवीं कक्षा का छात्र कर्ण प्रसाद बीमार हो गया। खून की उल्टी आने के बाद उसे मानसा के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। इसके बाद उसकी वीरवार सुबह आदेश अस्पताल में मौत हो गई। कर्ण प्रसाद का शव मानसा लाने के बाद मजदूर मुक्ति मोर्चा, सीपीआई एमएल लिबरेशन, सीपीएम, पारिवारिक सदस्य और गांव के कुछ लोगों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया। उन्होंने पीटी अध्यापक पर मामला दर्ज करने की बात कही। उनका आरोप है कि यह घटना घटने के बाद एक पुलिस मुलाजिम ने मजदूर परिवार पर दबाव बनाकर अध्यापक के पक्ष के ब्यान दे दिए। वहीं सच्चाई यह है कि इसमें इस्तेमाल की गई लापरवाही व दवा की ओवरडोज देने से कर्ण प्रसाद की मौत हुई है।
लिबरेशन के अमरीक सिंह समाओ, बलविंदर सिंह घरागणा, मुकेश कुमार, एडवोकेट हरमंदर सिंह माखा, वीरपाल सिंह चहल, ग्राम पंचायत के मक्खन सिंह उड्डत व कुलविंदर सिंह उड्डत ने कहा कि यदि अध्यापक पर मामला दर्ज न किया गया तो मजदूर संगठन इसको लेकर संघर्ष करेंगे। दूसरी ओर अध्यापक का कहना है कि सभी बच्चों को बराबर गोलियां दी गई हैं। इसमें उन्होंने कोई अपनी मनमर्जी नहीं की।
थाना कोटधरमू के मुखी गुरमीत सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद छात्र की मौत का पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि परिवार पुलिस को बयान देगा तो इस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

सिविल सर्जन डा. रेनू सूद के मुताबिक विद्यार्थी की मौत गोली खाने से नहीं हुई और न ही ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की ओर से की गई जांच के बाद पता चला है कि परिवार की ओर से बच्चे को ठीक ढंग से खाना नहीं दिया जाता था कहीं न कहीं उसकी मौत की वजह बनी है। उनका कहना है सभी बच्चों को एक जैसी गोलियां बांटी गई। ओवरडोज वाली कोई बात नहीं है।

फोटो : 13 एमएनएस 1 जेपीजीे
कैप्शन : कर्ण प्रसाद फाइल फोटो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें