बेअदबी की घटनाएं साजिश: भाई मंड
मोगा। गुरुद्वारा बाबा विश्वकर्मा भवन में गुरुद्वारा प्रबंध सुधार लहर तहत श्री अकाल तख्त साहिब एवं कार्यकारी जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार भाई अमरीक सिंह अजनाला ने पाठी एवं ग्रंथी सिंहों की मुश्किलें और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा और बेअदबी रोकने के लिए उन्होंने सुझाव और विचार सुने। इस दौरान जत्थेदार भाई ध्यान सिंह भंड ने पत्रकारों से बातचीत करते पंजाब में बढ़ रही गुरू ग्रंथ साहिब ओर अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाएं भाईचारक सांझ् में दरार डालने की साजिश है।
उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की ओर से अकाली सरकार समय बेअदबी घटनाओं की जांच के लिए गठित किए गए जुडीशियल आयोग बारे कहा कि उन्हें किसी भी पार्टी से इंसाफ की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन हुकूमत ने न्याय मांगने वालों खिलाफ झूठे पर्चे दर्ज करके जेलों में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिबान में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का है। अब खालसा पंथ ने खुद गुरू ग्रंथ साहिब की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्प लेते यह गुरुद्वारा प्रबंध सुधार लहर मुहिम शुरू की है।
जत्थेदार भाई अमरीक सिंह अजानाला ने ग्रंथी और पाठी सिंहों को सिख मर्यादा के अनुसार गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा संभाल बारे विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बूटा सिंह रणसींह, मनजीत सिंह, हरजिंदर सिंह रोडे, दविंदर सिंह हरिीएवाला, सतनाम सिंह बिलासपुर, जिला ग्रंथी सभा प्रधान बलजीत सिंह खालसा, हरपाल सिंह कुस्सा मौजूद थे।
‘छज्ज तां बोले छाननी क्यों बोले’
जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंडने पंजाब विधान सभा में विधायकों की पगड़ी उतारने की निंदा करते हुए पंजाब विधान स्पीकर राणा केपी को जिम्मेदार ठहराया। इस मौके उन्होंने पूर्व मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल की ओर से पगड़ी की बेअदबी बारे दिए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा कि छज्ज तां बोले छाननी क्यों बोले? से जवाब दिया। इस मौके उन्होंने विधायकों को भी अपील की कि वह कानूनी दायरे और संयम से अपनी ड्यूटी करने की अपील की।