डिलीवरी के बाद महिला की मौत के खिलाफ प्रदर्शन
धरना देकर डॉक्टर पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
स्थानीय आरा रोड पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशा गोयल के अस्पताल में 14 अप्रैल 2016 को गांव रामूवाला हरचोके की महिला की डिलीवरी के बाद हुई मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सोमवार को मामले को लेकर लोगों ने अस्पताल के बाहर धरना देकर दो घंटे रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि मौत की घटना के बाद डॉक्टर ने अपनी गलती मानते हुए बच्चों के पालन पोषण का खर्चा वहन करने का वादा किया था, लेकिन बाद में कोई सुनवाई नहीं हुई।
सोमवार को प्रदर्शन करने वाली किसान जत्थेबंदी में भारतीय किसान यूनियन के निर्मल सिंह मानूके जिला प्रधान, गुलजार सिंह घलकलां महा सचिव, गुरदर्शन सिंह कालेके बलाक प्रधान, सुखमंदर सिंह मीत प्रधान, सुखजिंदर सिंह खोसा, जसविंदर सिंह खोसा, मंदरजीत मनावा, गुरमीत सिंह संधूआ वाला, गुरप्रीत सिंह समाध, तेज सिंह गंजीगुलाब सिंह वाला तथा गांव रामूवाला हरचोके की महिलाएं शामिल थीं।
इस मौके पर मृतका कर्मजीत कौर के पति जगमीत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी पत्नी को आस्ट्रेलिया में पहला बच्चा ऑपरेशन से हुआ था। उसने कहा कि वह इस दौरान अपने गांव वापस लौट आई, जब कुछ समय बाद उसे गर्भ ठहरा तो उसका इलाज आरा रोड पर डॉक्टर आशा गोयल से चल रहा था। उसने कहा कि 14 अप्रैल को उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर आशा गोयल के अस्पताल में लाया गया। डिलीवरी के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया। इस बीच उसकी मौत हो गई। जगमीत सिंह ने कहा कि डॉक्टर आशा गोयल ने उन्हें मुआवजा देने का वादा किया था।