चंडीगढ़। पंजाब में एनडीपीएस के मामलों में एफआईआर के बाद छह महीने की अवधि बीतने के बावजूद 1447 आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि 21 अगस्त को पंजाब पुलिस की सभी क्षेत्रीय इकाइयों को निर्देश जारी किए गए थे कि जिन मामलों में एफआईआर के छह महीने बीतने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उनमें गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाईकोर्ट ने सरकार का जवाब रिकाॅर्ड पर रखते हुए अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का आदेश दिया है। वरिंदर सिंह उर्फ बिंदा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता पर 12 सितंबर, 2023 को मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पिछले 11 महीने से उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने एसएसपी बठिंडा को हलफनामा दाखिल कर जिला बठिंडा के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज उन सभी मामलों की सूची देने को कहा था, जिनमें पिछले छह महीने से आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
एसएसपी बठिंडा ने अपने हलफनामे में बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 83 आपराधिक मामलों में पिछले छह महीने से अधिक समय से 97 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। हलफनामे में दिए गए ब्योरे से हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि आरोपितों के खिलाफ पीओ की कोई कार्रवाई और उनकी संपत्ति कुर्क करने की कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि बठिंडा जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच की निगरानी नहीं की थी। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया था कि वह बताएं कि प्रदेश में एनडीपीएस के कितने मामले हैं जिनमें आरोपी 6 माह से अधिक अवधि से फरार हैं।