मेयर को अपनी पार्टी के पार्षदों से मिल सकती है चुनौती
कमलम में आयोजित प्री हाउस मीटिंग से बिना सूचना के गायब रहे कई पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निगम सदन की बुधवार को होने वाली सदन की पहली बैठक में भाजपा पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति तय करने के लिए पार्टी मुख्यालय में प्री-हाउस मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग का उद्देश्य नवनिर्वाचित मेयर राजेश कालिया को होने वाली पहली बैठक में पार्षदों के विरोध से बचाया जाए। इसमें भाजपा आलाकमान पूरी तरह से विफल रहा है। क्योंकि जिन पार्षदों से विरोध का खतरा है, उनमें से अधिकतर इस बैठक में नहीं पहुंचे।
भाजपा सूत्रों की मानें तो पूर्व मेयर देवेश मोदगिल, विनोद अग्रवाल, फरमीला, हीरा नेगी, कंवर राणा और राजेश गुप्ता बिट्टू बैठक में नही पहुंचे। राजेश गुप्ता वित्त एवं अनुबंध कमेटी में अनुभवी पार्षदों को न लिए जाने से खफा हैं। विनोद अग्रवाल ने सूचित किया था कि वह शहर से बाहर है। इसके अतिरिक्त किसी ने अपनी अनुपस्थिति की कोई जानकारी नहीं दी।
यह है पूरा मामला
पिछले साल मेयर देवेश मोदगिल को पार्टी अध्यक्ष संजय टंडन से जुडे़ पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इस गुट के कई पार्षदों ने तो मेयर की बनाई कमेटी की बैठकों तक में भाग नहीं लिया। पार्टी हाईकमान से मोदगिल व उनके समर्थक पार्षदों की शिकायत करना भी आम बात थी। अब मोदगिल गुट भी उसी असहयोग पर है। वित्त एवं अनुबंध कमेटी के सदस्यों के चयन के समय भी मोदगिल समर्थकों में से केवल एक पार्षद को लिया गया है और एक को डिप्टी मेयर बनाया गया है।