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जमानत खारिज

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पंजाबी वीडियो प्रोड्यूसर को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
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सेक्टर-10 में व्यापारी की कार से टक्कर मार गैरइरादतन हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले साल अगस्त में सेक्टर-4 निवासी बिजनेसमैन सुबोध गुप्ता को सेक्टर-10 में सड़क पार करते समय कार से टक्कर मारकर उनकी गैरइरादत्तन हत्या करने के मामले में बठिंडा निवासी पंजाबी वीडियो प्रोड्यूसर हरजसनजीत सिंह चहल को मंगलवार जिला अदालत से राहत नहीं मिल सकी। जिला अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। इससे पहले आरोपी एक बार जमानत याचिका निचली अदालत से भी खारिज हो चुकी है। वहीं आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से खारिज हो चुकी है। इसके बाद उसने जिला अदालत में सरेंडर किया था।
इससे पहले आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका में दलील दी गई थी कि, उसे केस में झूठा फंसाया गया है। उसका केस से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा वह मार्च से जेल में है। पुलिस को उससे कोई रिकवरी भी नहीं करवानी है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दे दिया जाए।
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पुलिस ने आरोपी की जमानत का यह कहते हुए विरोध किया था कि आरोपी बाहर आकर गवाहों से छेड़छाड़ और उन्हें प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उसे जमानत न दी जाए। पुलिस के जवाब और दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह है मामला
6 अगस्त, 2017 को सेक्टर-4 निवासी बिजनेसमैन सुबोध गुप्ता दोपहर के समय सेक्टर-10 स्थित होटल माउंट व्यू के सामने पैदल सड़क पार कर रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। कार चालक वारदात के बाद मौके से फरार हो गया था। सुबोध को सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने कार नंबर के आधार पर आरोपी पंजाबी गानों के वीडियो प्रोड्यूसर के खिलाफ लापरवाही से कार चलाने की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जमानत पर रिहा कर दिया था, लेकिन बाद में मामले में गैरइरादन हत्या की धारा 304 जोड़नी पड़ी थी। तब से ही आरोपी फरार चल रहा था। इसके बाद उसने जिला अदालत, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, लेकिन कहीं से भी राहत न मिलने पर उसने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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