फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: जर्मनी भेजने के नाम पर 14 लाख की ठगी, दो साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट की कार्रवाई, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच तेज
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जर्मनी भेजने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी के मामले में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र सिंह, निवासी तरनतारन (पंजाब), को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले पूरे नेटवर्क और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। उसके कब्जे से छह एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2024 में सेक्टर-19 निवासी महेंद्र सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि ब्रदर टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी से जुड़े एजेंटों ने उनके बेटे सुरेश कुमार को जर्मनी भेजने का झांसा देकर पहले 12 लाख रुपये लिए और बाद में अन्य खर्चों के नाम पर कुल करीब 14 लाख रुपये वसूल लिए।
विज्ञापन

आरोप है कि एजेंटों ने सुरेश कुमार को अमृतसर से दुबई भेजा, फिर मोरक्को और बेलारूस पहुंचा दिया, लेकिन जर्मनी नहीं भेजा। इसके बाद उसे विदेश में ही फंसा छोड़ दिया गया।

मकान पर लोन लेकर जुटाई थी रकम
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में रकम दी गई थी। इसके लिए परिवार ने मकान पर लोन तक लिया था। आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद एजेंट लगातार झूठे आश्वासन देते रहे। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा नकदी सौंपने के समय बनाई गई वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है। जांच अधिकारी दीपक ने बताया कि इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जितेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
विज्ञापन


कई राज्यों में फैला था ठगी का जाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह का मुख्य सरगना, जो जितेंद्र सिंह का भाई राजिंद्र बताया जा रहा है, मलेशिया में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है। एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट अब नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही विदेश में बैठे कथित मास्टरमाइंड और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें