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एसटीए ने पांच माह से नहीं की चेकिंग, अभिभावक सहमें हुए

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नोट - खबर फोटो के साथ है। फोटो ट्रैक में सेव है।
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सहमे अभिभावक, बच्चों को बसों में कैसे भेजें स्कूल
- एसटीए ने पांच माह ने नहीं की चेकिंग, हर बार हादसे के बाद ही जागता है एसटीए
- सेट जोसेफ स्कूल की बस में सवार छात्र की दुर्घटना में मौत के बाद सवालों में स्टूडेंट्स की सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेट जोसेफ स्कूल सेक्टर - 44 की बस में सवार छात्र की मौत के बाद से अभिभावक सहम गए हैं। उनके सामने सवाल है कि वे अपने बच्चों को बसों में स्कूल कैसे भेजें ? ताजा घटना के बाद उनका भरोसा स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) पर से पूरी तरह उठ चुका है। अभिभावकों का कहना है कि एसटीए की ओर से पिछले पांच महीने से कोई चेकिंग नहीं की गई है। जब भी कोई हादसा होता है, तभी चेकिंग अभियान चलाया जाता है। ऐसी दशा में स्टूडेंट्स कैसे सुरक्षित होंगे।

एसटीए नहीं करता रूटीन चेकिंग
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से शहर के स्कूल बसों की चेकिंग अक्तूबर से अब तक नहीं की गई है। इससे साफ है कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से बसों की रूटीन चेकिंग नहीं की जा रही है। यही डर बना रहता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। प्राइवेट स्कूलों के बसों में ओवरलोडिंग धड़ल्ले से हो रही है। एसटीए स्कूल प्रबंधन की बसाें को जब्त नहीं कर रहा है। बसों में स्पीडोमीटर, सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं हैं। ऐसे में स्कूल बसों की रूटीन चेकिंग जरूरी।
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- गुरप्रीत कटवाल, प्रेसीडेंट , माउंट कार्मल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन - 47

बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं
सेंट जोसेफ स्कूल की बस में जिस तरह से हादसा हुआ, उससे लगता है कि स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नही हैं। ऐसे में एसटीए और चंडीगढ़ पुलिस की ओर से बरती जा रही नरमी सुरक्षा के प्रति लापरवाही को बढ़ावा दे रहा है। इस कारण से हादसे भी हो रहे हैं। घर से स्कूल के लिए जाने वाले बच्चे सुरक्षित हैं, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती।
- जसजीत सिंह, अभिभावक, सेक्टर - 35

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सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार की दरकार :
शहर के सरकारी स्कूलों में चलने वाली बसों में स्टूडेंट्स की ओवरलोडिंग की जा रही है। इस कारण स्टूडेंट्स कभी भी चोटिल हो सकते हैं। बसों में जीपीआरएस, सीसीटीवी ठीक नहीं है। इस पर जल्द ही पुलिस और एसटीए को चेकिंग अभियान चलाकर खामियां दूर करने की कोशिश करनी चाहिए।
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- स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसीडेंट, यूटी कैडर एजुकेशन इंप्लाइज यूनियन

कोट --
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की ओर से ऑटो, मैक्सी कैब सहित सभी वाहनों की चेकिंग रूटीन में की जाती है। हम जल्द ही स्कूल बसों की जांच करेेेंगे। जिन बसों में सुरक्षा के लिहाज से खामियां मिलेंगी एसटीए की ओर से उन्हें जब्त किया जाएगा।
- राजीव तिवारी, एडीशनल सेक्रेटरी, एसटीए।
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