हादसे में युवक की मौत पर 53.67 लाख का मुआवजा
-भूषण पावर एंड स्टील कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से मुआवजा देने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने डेराबस्सी स्थित एक केमिकल कंपनी में काम करने वाले 27 वर्षीय युवक की मौत पर उसके परिवार के लिए 53.67 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने डेराबस्सी के बलजीत सिंह (कार चालक), चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित भूषण पावर एंड स्टील कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (कार मालिक) और न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से यह मुआवजा देने के लिए कहा है। साथ ही इस पर क्लेम याचिका दाखिल करने से लेकर आदेश सुनाए जाने तक 7.5 फीसदी ब्याज भी देने का आदेश दिया है।
मूल रूप से बिहार निवासी भुवनेश्वर प्रसाद की सड़क हादसे में मौत के बाद मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 166 के तहत उनकी पत्नी ममता कुमारी, एक माह के बेटे मोहित, मां हीरा देवी और पिता रामायण बिंद ने मुआवजे के लिए क्लेम याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने भुवनेश्वर की मौत पर 75 लाख रुपये का मुआवजा क्लेम किया था। याचिका के अनुसार भुवनेश्वर प्रसाद डेराबस्सी स्थित एक केमिकल कंपनी में बतौर एग्जीक्यूटिव काम करता था।
11 अक्तूबर 2016 की शाम करीब 8 बजे बाइक से वह शादीपुरा गांव से डेराबस्सी की ओर जा रहा था। बरवाला रोड पर विपरीत दिशा से आ रही कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इससे भुवनेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे डेराबस्सी के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया। वहां 12 अक्तूबर 2016 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद डेराबस्सी थाने में कार चालक बलजीत सिंह के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया गया था।
ट्रिब्यूनल में दायर जवाब में प्रतिवादी पक्ष की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया गया है। ऐसा कोई एक्सीडेंट उनकी कार से हुआ ही नहीं था। वहीं, इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया था कि कंपनी तभी मुआवजा क्लेम देने के लिए उत्तरदायी है जब घटना के वक्त चालक के पास वैध लाइसेंस हो। लेकिन, इस मामले में चालक के पास घटना के वक्त वैध लाइसेंस नहीं था।
ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादी पक्ष को शिकायतकर्ता पक्ष को संयुक्त रूप से 53,67,375 रुपये 7.5 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए है। इस मुआवजा राशि में से मृतक की पत्नी को 70 और उसकी मां को 30 फीसदी रकम मिलेगी।